अरबन हेल्थ पोस्ट पर तैनात 18 कर्मचारियों के भविष्य पर संकट के बादल छाए हुए हैं। इन कर्मचारियों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया है। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य की ओर से शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में पूर्व सीएमओ पर शासनादेश को नजरंदाज कर फर्जी तरीके से कर्मचारियों का चयन करने की बात कही गई है।
अब अरबन हेल्थ पोस्ट पर तैनात कर्मचारियों का भविष्य शासन के पाले है। यदि शासन भर्ती प्रक्रिया को अवैध घोषित कर देता है तो सभी कर्मचारियोें की छुट्टी हो जाएगी।
एनएचएम के तहत दिसंबर 2014 में तत्कालीन सीएमओ के स्तर से अरबन हेल्थ पोस्ट रेतिया और कश्मीरी मोहल्ला के लिए डेढ़ दर्जन कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाले गए थे।
इसके अलावा राजकीय टीबी क्लीनिक में भी चार पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। शासन का सख्त निर्देश था कि कर्मचारियों का चयन जिला स्वास्थ्य समिति से स्वीकृति करा कर ही किया जाए, लेकिन चयनित कर्मचारियों के लिए नियुक्ति पत्र शासन से ही जारी किया जाएगा।
सीएमओ रहे डॉ. राधेश्याम यादव और एनएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. एके कनौजिया ने सभी कर्मचारियों का चयन करने के बाद फौरी तौर पर नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया।
शासन के उच्चाधिकारियों ने जिले में कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेेजों को मांगा तो पता चला कि सभी कर्मचारियों का चयन करने के साथ ही उन्हें नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया है।
और तो और इन कर्मचारियों को सीएमओ स्तर से वेतन भी दिया जा रहा है। सीएमओ की इस कारस्तानी से नाराज शासन ने सीएमओ स्तर से होने वाली और नियुक्तियों पर रोक लगा दी थी। साथ ही अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एचएन तिवारी को जांच सौंप दी गई।