दहेज में बाइक न मिलने पर विवाहिता की गला दबाकर हत्या करने के मामले में पति, सास व ससुर को दोषी पाते हुए अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। कोर्ट ने ननद को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
सजा के प्रश्न पर सुनवाई 17 अक्तूबर को होगी। फैसला अपर जिला जज सोहन लाल श्रीवास्तव की अदालत से हुआ। मामला मवई थाने के गांव लोधन पुरवा मजरे भवानीपुर का है।
रुदौली थाने के सुलेमपुर मजरे मोहामिदपुर निवासी बृजलाल ने अपनी पुत्री नीलम की शादी लोधनपुरवा के रामराज के साथ 15 मार्च 2010 को की थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में बाइक की मांग करने लगे।
इसके लिए ससुराल वाले विवाहिता को प्रताड़ित करके एक बार घर से भी निकाल दिए थे। पंचायत के बाद उसे फिर विदा किया गया, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी।
22 मार्च 2012 को नीलम की ससुराल में उसके पति, सास छेदाना व ससुर राम सुमिरन ने गला दबाकर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फांसी पर लटका दिए।
घटना की सूचना रामराज के मामा ने बृजलाल को दी। सूचना पर वह नीलम की ससुराल पहुंचा तो सास छेदाना को छोड़कर अन्य फरार थे। इसकी रिपोर्ट पति, सास, ससुर, व ननद कलावती के खिलाफ दर्ज कराई गई।
सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी पाते हुए तीनों को जेल भेज दिया। जबकि ननद को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।