अयोध्या। राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के बाद अयोध्या उत्तर प्रदेश में होटल कारोबारियों की पहली पसंद बन कर उभरा है। अयोध्या के लिए पर्यटकों की बढ़ी रुचि को देखते हुए देश-विदेश के कई बड़े होटल समूह अपने लक्जरी ब्रांड के साथ अयोध्या की ओर रूख कर रहे हैं। नई पयर्टन नीति के तहत अयोध्या मंडल में अब तक 20 होटलों के प्रस्ताव आ चुके हैं। जबकि अयोध्या जिले में अब तक करीब 13 होटलों का पंजीकरण किया जा चुका है।
राम मंदिर निर्माण और लगातार हो रहे अयोध्या के विकास के चलते रामनगरी पर्यटकों के लिए पंसदीदा स्थल बन चुकी है। जिसके चलते रामनगरी में होटल व्यवसाय को भी पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है। अब पर्यटन विभाग देश-विदेश से अयोध्या पहुंचने वाले पर्यटकों को ठहरने के लिए उच्चस्तरीय सुविधायुक्त होटलों के निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में होटल उद्योग से जुड़े कारपोरेट जगत के लोगों का ध्यान सरकार की योजनाओं पर है।
इनमें अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर लाकर विकसित करने की योजनाएं शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक नयी अयोध्या के निर्माण के साथ होटल इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ी भी अपने लक्जरी ब्रांड के साथ अयोध्या आएंगे। देश के कई बड़े प्रतिष्ठित ब्रांड के होटल समूहों ने अयोध्या में अपना उद्यम स्थापित करने के लिए संपर्क साधा है। प्रदेश में 2018 में नयी पर्यटन नीति आने के बाद से अब तक अयोध्या मंडल के लिए 20 प्रस्ताव सरकार को मिल चुके हैं। इसमें एक-एक होटल और रीसॉर्ट के अलावा 12 बजट, 3 हेरीटेज और बाकी सामान्य होटल हैं। अकेले अयोध्या जिले में अब तक 13 होटलों का पंजीकरण हो चुका है, जिसमें से चार पर काम चल रहा है, शेष नौ होटलों का निर्माण शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के कायाकल्प पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर रही है। जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण और यहां दुनिया की सबसे ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा बनने के बाद भविष्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। अनुमान के अनुसार 2020 से 2031 के दौरान इस संख्या में तीन गुने 2.2 करोड़ से 6.8 करोड़ से अधिक की वृद्धि होगी। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार अयोध्या में आतिथ्य पर विशेष ध्यान दे रही है। पयर्टकों की संख्या बढ़े उससे पहले उनके ठहरने की पुख्ता और सुविधाजनक व्यवस्था करने पर जोर है।
बताया गया कि मंदिर निर्माण के साथ जब प्रभु राम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का प्रॉेजेक्ट पूरा होगा तब उसके साथ ही देशी के साथ विदेशी पर्यटकों के लिए भी अयोध्या आकर्षण का केंद्र बनेगा। भगवान राम की प्रतिमा हाईवे के ही समीप मांझा बरहटा में प्रस्तावित है इसके लिए 100 करोड़ का बजट भी जारी हो चुका है। ऐसे में प्रतिमा बनने के बाद हाइवे के इलाके में होटलों के और प्रस्ताव आने की पूरी उम्मीद है। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अयोध्या रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट का काम भी तेज कर दिया गया है।
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नई पर्यटन नीति के तहत बनने वाले होटलों में सरकार की ओर से सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सब्सिडी मिलती है। इसमें पहले ही चार होटलों के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। दूसरे वर्ष आए नौ होटलों के प्रस्ताव पर मंथन शुरू कर दिया गया है। इसमें भूमि सहित अन्य दस्तावेज परीक्षण करने का काम किया जा रहा है। इस कार्य के पूर्ण हो जाने के बाद होटलों के प्रस्तावों की फाइल शासन को भेजी जाएगी। यहां से मंजूरी के बाद होटलों का निर्माण शुरू हो सकेगा।
आरपी यादव, क्षेत्रीय पयर्टन अधिकारी