बीकापुर की इमरजेंसी में चिकित्सक न होने से मरीजों को देखते फार्मासिस्ट।
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बीकापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और संसाधन की अनुपलब्धता से लोगों का अस्पताल से मोहभंग हो रहा है। शनिवार को शाम चार बजे से रात 10 बजे तक अस्पताल की इमरजेंसी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं रहा।
शाम चार बजे तक अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी दो चिकित्सक सतीश चंद्रा और आयुर्वेदिक चिकित्सक आरसी दूबे मरीजों को देखते रहे। लेकिन, दोनों चिकित्सक ओपीडी समाप्त होने के बाद शाम चार बजे चले गए। उसके बाद अस्पताल चिकित्सक विहीन हो गया।
रात करीब सात बजे अस्पताल पहुंचे ब्लड प्रेशर से पीड़ित गजेंद्र मिश्रा (50) निवासी टूटे मिश्र का पुरवा सराय भनोली, रक्तश्राव से पीड़ित महिला चांदनी (30) निवासी नासिरपुर मूसी सहित अन्य कई मरीजों को इमरजेंसी में चिकित्सक न होने से दिक्कत हुई।
मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट यदुनाथ यादव ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मरीज के साथ आए मरुई सहाय सिंह निवासी राजीव सिंह, नगर पंचायत निवासी अरुण पांडे आदि लोगों ने चिकित्सक न होने पर फोन से एसडीएम से शिकायत की। रात करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौरे बाजार के आयुर्वेदिक चिकित्सक रामनाथ ने इमरजेंसी में ड्यूटी संभाली और मरीजों को देखना शुरू किया।
जबकि शनिवार को ही दोपहर एसडीएम आईएएस जयेंद्र कुमार ने सीएचसी का निरीक्षण किया था। अव्यवस्था मिलने पर व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया था। मालूम हो कि स्थाई अधीक्षक की तैनाती भी मौके पर यहां नहीं है। सीएचसी बीकापुर के अधीक्षक राम मणि शुक्ला द्वारा बीकापुर और सीएचसी मसौधा दोनों की जिम्मेदारी संभाली जा रही है जिसके कारण वह रोज सीएचसी नहीं पहुंच पाते हैं।