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मैटरनिटी विंग में शिफ्ट हुआ महिला अस्पताल

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महिला अस्पताल की नई इमारत में भर्ती मरीज। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। जिला महिला अस्पताल में लंबे समय से जर्जर भवन से अब निजात मिल गई है। पूरा अस्पताल अब आधुनिक सुविधाओं से लैश मैटरनिटी विंग में शिफ्ट हो गया है। अब तक उच्चीकृत सुविधाओं से युक्त 85 बेडों को इंस्टॉल भी किया जा चुका है।
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जिला महिला अस्पताल का भवन काफी पुराना होने के कारण जर्जर हो गया था। कई बार यहां टंगे पंखे गिरने से मरीज व तीमारदार घायल भी हो चुके हैं।
इसी जर्जर भवन की वजह से ओटी सहित वार्डों में आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए इसी परिसर में सौ शैय्या का मैटरनिटी विंग निर्मित किया गया है।
सात मंजिला इस इमारत को लिफ्ट, वातानुकूलित सहित तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैश किया गया है। इसमें उच्चीकृत सुविधायुक्त बेड भी इंस्टॉल किए गए हैं। इस इमारत में ओपीडी पूर्व में ही शिफ्ट हो चुकी थी।
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गुरुवार को ओटी, लेबर रूम, इमरजेंसी सहित वार्डों को शिफ्ट किया गया है। शुक्रवार को सभी मरीजों को यहां बने वार्डों में भर्ती किया गया। इमारत की सुंदरता एवं यहां की सुविधाओं को देख एकबारगी यहां पहुंचने वाले तीमारदार भी चकित रह गए। सीएमएस डॉ एसके शुक्ला ने घूम-घूमकर सभी सुविधाओं व सामानों के रख-रखाव का जायजा लिया।
पुराने भवन के बिना नहीं चल सकेगा कार्य
अस्पताल की ओपीडी, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सहित सभी सुविधाएं मैटरनिटी विंग में शिफ्ट हो गयी हैं, लेकिन पुराने भवन के बिना यहां मरीजों की भीड़ नियंत्रित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जिला महिला अस्पताल 162 बेड स्थापित थे, फिर भी बीच-बीच में अस्पताल फुल हो जाते हैं और प्रसूताओं को बेड के लिए भटकना पड़ता है। इस इमारत में सौ बेड का ही इंतजाम है। ऐसे में भविष्य में होने वाली समस्याओं का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
खलेगी लिफ्टमैन की कमी
सात मंजिला भवन में प्रथम व दूसरे तल पर मरीजों के भर्ती होने के लिए वार्ड बनाया गया है। चतुर्थ तल पर पैथोलॉजी स्थापित है। साथ ही अन्य तमाम सेवाओं सातों मंजिल पर स्थापित कराई गई हैं। ऊपर जाने के लिए रैंप, सीढ़ी के साथ ही लिफ्ट का इंतजाम है। लेकिन लिफ्टमैन की तैनाती नहीं की गई है। इस तरह जानकारी के अभाव में या आकस्मिक दिक्कत होने पर प्रसूताओं व तीमारदारों के साथ ही कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
अब महिला अस्पताल की संपूर्ण सेवाएं मैटरनिटी विंग में शिफ्ट हो गई हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी है, तैनाती के लिए पत्राचार किया गया है। बेड कम होने पर पुराने भवन का इस्तेमाल किया जाएगा।
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- डॉ एसके शुक्ला, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल अयोध्या
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