मसौधा। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर रामलला का पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं का रविवार दोपहर करीब 1 बजे भरत की तपोभूमि नंदीग्राम भरतकुंड पर भव्य स्वागत किया गया।
के.परासरन सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भरतकुंड पर पूजन-अर्चन कर परिक्रमा भी की। इससे पूर्व सभी अधिवक्ताओं का भरतकुंड महोत्सव समिति द्वारा महात्मा तपस्वी भरत जी का स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया।
अधिवक्ताओं की टीम ने भरतकूप, कैकेई सरोवर, राम भरत मिलाप मंदिर, 27 तीर्थों का जल संकलित सत्ताइसा कुआं, प्राचीन भरत हनुमान मिलन मंदिर की परिक्रमा कराई।
इस बीच अधिवक्ताओं ने कैकेई रसोई, खड़ाऊ स्थल सहित मंदिरों में माथा टेक साधु संतों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद भरतकुंड महोत्सव समिति के प्रबंधक अंजनी कुमार पांडेय सहित पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं की राम भरत मिलाप मंदिर में आरती उतारकर, पुष्प की वर्षा की और प्रसाद ग्रहण कराया।
इस बीच भरतकुंड महोत्सव के वरिष्ठ पदाधिकारी सतीशचंद्र पांडेय, राकेश मिश्र, शत्रुघ्न मोदनवाल, विनोद कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
राजसदन में स्वागत-सम्मान से अभिभूत दिखे अधिवक्ता
अयोध्या। अयोध्या भ्रमण पर अधिवक्ताओं का राजसदन में राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने स्वागत एवं सम्मान किया। राजा अयोध्या ने अधिवक्ताओं को रामदरबार का चित्र भेंट किया तो अधिवक्ता निहाल हो उठे।
रामजन्मभूमि विवाद में रामलला की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन, पी.वी. योगेश्वरन, पूर्व सॉलीसीटर जनरल मोहन परासरन, सतीश परासरन आदि ने अयोध्या की दो दिवसीय यात्रा रामलला के दर्शन के उद्देश्य से की। अपने दौरे के अंतिम दिन रविवार को दल ने राजसदन पहुंचकर राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र से अनौपचारिक मुलाकात की। यहां पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।