अयोध्या। पिछले पांच दिनों से हो रही लगातार बरसात से सब्जियों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। अरबी, नेनुआ, तरोई, लौकी, कद्दू, मूली, गोभी, टमाटर आदि कम पानी वाली सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे अब सब्जियों के दामों में भी तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। बारिश से पिछैती धान वालों को इससे फायदा हुआ है, लेकिन जिस धान में बालियां निकल आई थी, तेज हवा के चलते वह बर्बाद हो गई है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर सब्जी की फसलों पर पड़ा है। बीकापुर नगर पंचायत क्षेत्र की सब्जी बेल्ट नदरौली, सेमरा, बिलारी माफी, तेंदुआ माफी, रसूलपुर बैदौली क्षेत्र में किसानों द्वारा उगाई गई अरबी, नेनुआ, तरोई, लौकी, कद्दू, मूली, गोभी, टमाटर आदि कम पानी वाली सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। बिलारी माफी निवासी सब्जी किसान वेद प्रकाश निषाद ने बताया कि उनके द्वारा दो बीघा खेत में नेनुआ और एक बीघा खेत में तोरई के फसल की बोआई की गई है।
बरसात के चलते खेत की नालियों में जलभराव होने से तना तथा फूल गिर रहे हैं, पौधे सूख रहे हैं। नासिरपुर मूसी बिलारी माफी के निवासी प्रगतिशील किसान पृथ्वीराज ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व उनके द्वारा एक बीघा खेत में फूलगोभी और 2 बीघा खेत में पत्ता गोभी की रोपाई की गई है, खेत में पानी भर जाने से पौधे गल कर खराब हो रहे हैं।
नदरौली निवासी रमेश साहू ने बताया कि खेत में पानी भर जाने से चार बीघा खेत में बोई गई लौकी की फसल खराब हो गई है। पानी के साथ हवा के चलते उनके द्वारा दो बीघा में झालर विधि से तैयार की गई नेनुआ की फसल गिर गई है। सेमरा निवासी राकेश वर्मा ने बताया कि बरसात के चलते गोभी और करेला की फसल खराब हो रही है।
पूरा बाजार निवासी सब्जी किसान अब्दुल हक ने बताया कि दो बीघा खीरा और सरपुत्तिया की खेती की है, खेतों में पानी भरने से फसल नष्ट हो गई है। किसान इंद्रजीत यादव ने बताया कि एक बीघा पालक, मूली की खेती की है, बारिश होने से खेतों में पानी भर जाने से फसल चौपट हो गई है। सुनील कुमार ने बताया कि बारिश के कारण लौकी और कद्दू की खेती को भारी नुकसान हुआ है।
ग्राम सभा मझौलिया के प्रमुख सब्जी व्यवसाई हरीराम ने बताया कि बसािश से लौकी, तरोई, भिंडी के खेत में जलभराव हो गया। तारुन क्षेत्र के ग्राम पंचायत तारडीह के सब्जी उत्पादक किसान प्रेमचंद निषाद की एक एकड़ लौकी की फसल अधिक वर्षा होने के कारण पूरी तरह से नष्ट हो गई। यह गांव मुख्यत: मौसमी सब्जी के उत्पादन लिये प्रसिद्ध है।
बारिश से पांच हजार बीघा खेत जलमग्न
शुजागंज। सरयू नदी की बाढ़ से सुरक्षित समझे जाने वाले नैपुरा, मुटौली, पसैया, संडरी, जैथरी, जहाँगीराबाद, रसूलपुर, आख्तियापुर, सहित करीब दो दर्जन गांव के किसानों की करीब पांच हजार बीघे की धान की फसल जलमग्न होकर तबाह हो चुकी है। जैथरी निवासी राम मनोज यादव, विश्राम यादव, मुमताज, मानपुर निवासी अनिल वर्मा, राम प्रकाश यादव, संतोष वर्मा का कहना कि इस बारिश के पानी से हमारे गांव की करीब तीन सौ बीघा धान की फसल व पांच सौ बीघा गन्ने की फसल पानी में डूब गई है।