अयोध्या। जिला अस्पताल में करीब छह वर्ष बाद अब फिर से दिल के मरीजों का इलाज हो सकेगा। शासन ने जिले से बार-बार हो रही मांग को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए मंगलवार को एक कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती का आदेश जारी किया है। चिकित्सक को अविलंब पदभार ग्रहण करके सेवाएं प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।
जिला अस्पताल में अति विशिष्ट चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत हैं। इसमें 2017 से यहां किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। जबकि, अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम युक्त आईसीयू निर्मित है।
चिकित्सक की तैनाती न होने से प्रतिदिन अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने वाले 8-10 मरीजों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। वहीं, ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को ईसीजी जांच की सुविधा ही मिल पाती थी।
इधर, अगस्त 2020 से श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने के बाद अयोध्या में हर समय श्रद्धालुओं व वीवीआईपी लोगों का भी जमावड़ा रहता है। ऐसे में दिल के चिकित्सक की कमी काफी अखरती है। जिले के जनप्रतिनिधि भी शासन-प्रशासन से लगातार मांग कर रहे थे।
सीएमएस डॉ. सीबीएन त्रिपाठी ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेते हुए मंगलवार को शासन ने एसीएमओ अमरोहा डॉ. अरुण प्रकाश को जिला अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता कॉर्डियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात करने का आदेश जारी किया है। इससे एक बार फिर वर्षों से सूनी पड़ी ह्रदय रोग यूनिट में मरीजों की चहलपहल दिखने की उम्मीद जगी है।