अयोध्या। नव्य अयोध्या के निर्माण से जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को भी पंख लगने की उम्मीद है। जिला स्तरीय अस्पतालों को हाइटेक करने के साथ ही नगरीय आबादी में करीब 3.5 करोड़ की लागत से एक यूसीएचसी व चार यूपीएचसी सहित 20 डे-केयर यूनिट स्थापित करने की रणनीति बनाई गई है। योजना धरातल पर उतरी तो श्रद्धालुओं व पर्यटकों सहित आमजन को भी इसका लाभ मिलेगा।
श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने के बाद अयोध्या इस समय विश्व पटल पर सुर्खियों में है। प्रतिदिन देश के विभिन्न प्रांतों व विदेशों के तमाम यात्री यहां पहुंच रहे हैं। अयोध्या की धार्मिकता के साथ-साथ आधुनिकता की झलक को प्रदर्शित करने के लिए नव्य अयोध्या का निर्माण भी सरकार की ओर से प्रस्तावित है।
जिसके वजूद में आने में निश्चित तौर पर अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इतनी संख्या में यहां यात्रियों की आमद होने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी एक बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नव्य अयोध्या के नाम से प्रस्तावित मॉडल में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा समय में उपलब्धता और भविष्य में आवश्यकता का एक खाका तैयार किया गया है।
जिसमें माना गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगरीय क्षेत्र की आबादी करीब सवा दो लाख के सापेक्ष ही मौजूदा समय में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं, जबकि मौजूदा समय में आबादी करीब पांच लाख पहुंच गई है। अयोध्या नगर निगम बनने के बाद नव्य अयोध्या के रूप में इसे विकसित भी किया जा रहा है।
इसके अलावा अयोध्या में प्रतिदिन करीब 15-20 हजार यात्री पहुंचते हैं। चौदह कोसी परिक्रमा, श्रावण झूला, पूर्णिमा, रामनवमी, श्रीराम विवाह, दीपोत्सव, माघ मेला व महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर यहां काफी भीड़ एकत्र होती है। इतनी संख्या में एकत्र होने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए अब तक जिले में कुछ खास नहीं है।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज उच्च लेवल का अस्पताल होगा। इससे संबद्ध दो नगरीय सीएचसी होंगी। प्रत्येक यूसीएचसी के अंतर्गत पांच-पांच पीएचसी व प्रत्येक यूपीएचसी से संबद्ध दो-दो डे-केयर यूनिट होंगी। मौजूदा समय में एक यूसीएचसी व छह यूपीएचसी संचालित हैं। शेष चार यूपीएचसी का 1.23 करोड़ की लागत से निर्माण होगा। जबकि 1.68 करोड़ से 20 डे-केयर यूनिट व 25 लाख रुपये से एक यूसीएचसी का निर्माण किया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार दर्शननगर मेडिकल कॉलेज में स्पेशलिटी व सुपर स्पेशलिटी सेवाएं मुहैया कराने, रिसर्च और डाक्यूमेंटेशन एक्टिविटी कराने, विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कराने पर विचार किया जा रहा है। जिला पुरुष व महिला अस्पताल द्वितीय लेवल का अस्पताल होगा। यहां विभिन्न प्रकार के रेफरल सुविधाएं संचालित करने, 24 घंटा एफआरयू के रूप में विकसित करते हुए सीजेरियन ऑपरेशन, पैथोलॉजी, ब्लड बैंक, एसएनसीयू, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन, वेंटिलेटर व टेली मेडिसिन आदि सेवाएं मुहैया कराने, परिवार नियोजन के क्षेत्र में एनएसवी व लैप्रोस्कोपिक सेवाएं संचालित करने, अधिकांश मेडिकल व सर्जिकल इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
सीएचसी पर 24 घंटे प्रसव सुविधा, तीन-चार स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन आदि की तैनाती, पीएचसी व डे केयर यूनिट से रेफर मरीजों का उपचार करने सहित यूपीएचसी पर भी सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। इसी तरह डे-केयर यूनिट पर भी सीएचओ, एएनएम की तैनाती करते हुए सात प्रकार की सेवाएं संचालित की जाएंगी। यहां ई-संजीवनी टेली कंसल्टेंसी सुविधा भी संचालित होगी।
नव्य अयोध्या के विकसित होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि किया जाना है। शासन के निर्देश पर विस्तृत होने वाली सेवाओं व मौजूदा समय में उपलब्ध सेवाओं का खाका तैयार कराकर प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद दिशा-निर्देश मिलने पर उसी अनुरूप कार्य किया जाएगा।-डॉ. घनश्याम सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, अयोध्या