रामलला के श्रद्घालुओं को बेहतर सुविधाओं के बीच अपने आराध्य का दर्शन प्राप्त हो सके इसको लेकर लगातार काम चल रहा है। इसी क्रम में अब रामभक्तों को रामजन्मभूमि में चिकित्सा सुविधा भी प्राप्त हो सकेगी। इसके लिए रामलला के दर्शन मार्ग पर मेडिकल यूनिट की स्थापना करने की तैयारी है।
बताते चलें कि राममंदिर निर्माण के बीच रामभक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम भी तेजी से चल रहा है। दर्शनमार्ग पर जहां श्रद्धालुओं के लिए एलईडी लगाई गई है। वहीं दर्शन का समय भी डेढ़ घंटा बढ़ा दिया गया है। इसके चलते श्रद्धालुओं की संख्या में भी तीन गुना वृद्धि हुई है। इसके अलावा भक्तों को रामलला की तीनों आरती में शामिल होने का मौका मिल रहा है।
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सुविधाओं के क्रम में ही अब भक्तों के लिए चिकित्सा सुविधा भी रामजन्मभूमि में उपलब्ध कराई जाएगी। विगत दिनों रामजन्मभूमि के दर्शन मार्ग पर छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण पर लेकर आए एक शिक्षक के बेहोश होने व अस्पताल में उसकी मौत होने के बाद रामजन्मभूमि ट्रस्ट व सुरक्षा एजेंसियों को प्राथमिक उपचार के व्यवस्था की भी जरूरत महसूस हुई। इसी के चलते एडीएम कानून व्यवस्था जितेंद्र कुशवाहा द्वारा डीएम को पत्र लिखकर राम जन्मभूमि के क्रांसिग टू बैरियर पर एक मेडिकल यूनिट की स्थापना करने का सुझाव दिया गया है।
एडीएम ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रामलला के दर्शनार्थियों की भीड़ काफी बढ़ गई है। इसमें हर वर्ग के दर्शनार्थी बच्चे, वृद्घ, महिलाएं, युवा शामिल होते हैं। भीषण गर्मी व ठंडी के दौरान या फिर भीड़ के दबाव के चलते अक्सर श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलती है।
इसी के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक मेडिकल यूनिट की स्थापना की मांग की गई है। जिससे श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। बताया कि श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एंबुलेंस की व्यवस्था पहले से है ही।
गश खाकर गिरी महिला श्रद्धालु
पहली पाली में रामजन्मभूमि के गर्भगृह के पास शुक्रवार को लाइन में लगी एक महिला गश खाकर गिर गई, उसे तत्काल एंबुलेंस के जरिए श्रीराम अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले गए।