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मेडिकल कॉलेज ने बांदा व जालौन को दी 11 सौ पीपीई

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अयोध्या। जहां एक ओर प्रदेश के कुछ जिलों में पीपीई किट के लिए उठापटक के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बांदा व जालौन जिले को 11 सौ पीपीई किट देकर कोरोना से जंग में एक मिशाल पेश की है। इसके अलावा जिले में भी पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट व एन-95 मॉस्क की उपलब्धता के दावे भी किए जा रहे हैं।
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कोरोना वायरस के संक्रमण से लडने के लिए मसौधा को कोविड एल-1 हॉस्पिटल व राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज को कोविड एल-2 के हॉस्पिटल के रूप में चयनित किया गया है। प्रिंसिपल प्रो. विजय कुमार के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज वजूद में आने के बाद से ही तमाम सुविधाओं से लैस हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन कोरोना संक्रमण की देश में एंट्री होने के बाद ही इससे संबंधित तैयारियां चुस्त-दुरुस्त कर लिया था। शुरुआती दौर में जब कोविड एल-1 हॉस्पिटल में पीपीई किट की किल्लत बताई जा रही थी, तभी मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट मंगवाई गई थी।
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इधर, प्रदेश के कुछ मेडिकल कॉलेजों ने कारपोरेशन की ओर से आपूर्ति की गई किट पर सवाल उठाए तो बांदा व जालौन जनपद के अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज से पीपीई किट की दरकार किया। जिस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बांदा जिले को छह सौ व जालौन को पांच सौ किट उपलब्ध कराया। साथ ही अपने लिए भी पर्याप्त स्टॉक रखते हुए और किट की डिमांड भेजी।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो, विजय कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में करीब तेरह सौ पीपीई किट व 75 सौ एन-95 मॉस्क, 50 हजार ट्रिपल लेयर मॉस्क व चार हजार ग्लब्स मौजूद हैं। बताया कि स्टॉक पर्याप्त है, कोरोना से लड़ने में किसी तरह की समस्या नहीं है।
इसके अलावा सीएमओ व सीडीओ के अधीन भी पर्याप्त मात्रा में कोरोना से लड़ने की सामग्री उपलब्ध रहने के दावे किए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ घनश्याम सिंह ने बताया कि वर्तमान में करीब पांच हजार पीपीई किट व तीन हजार एन-95 मॉस्क उपलब्ध हैं। किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं हैं। आगे की स्थिति देखते हुए और अधिक सामग्रियां मंगाई जा रही हैं।
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