रोडवेज स्टेशन पर शनिवार को बस से धक्का दिए जाने से गिरकर हुई हॉकर की मौत से गुस्साए लोग रविवार को सड़क पर आ गए। लोगों ने साहबगंज में अयोध्या-फैजाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया, इस दौरान घंटों प्रदर्शन हुए।
आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ परिवार को आर्थिक सहायता व आश्रित पुत्र को स्थायी रोजगार दिलाए जाने की मांग की गई। जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया। कोतवाल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दे शांत कराया, तब जाकर डेढ़ घंटे बाद लोगों ने प्रदर्शन व जाम समाप्त किया।
शनिवार को सुबह लगभग सवा आठ बजे सिविल लाइंस स्थित रोडवेज डिपो के सामने कानपुर-लखनऊ-अकबरपुर के बीच चलने वाली फैजाबाद डिपो की रोडवेज बस नंबर यूपी 42 एटी 0631 में समाचार पत्र अभिकर्ता नगर कोतवाली के वैदेहीनगर साहबगंज का रहने वाला 60 वर्षीय नरेंद्र कुमार सिंंह उर्फ रामू अखबार के बंडल के साथ रोडवेज बस पर चढ़ा था।
वह रोडवेज बस के दरवाजे की सीढ़ी पर ही खड़ा था कि धक्का देने से समाचार पत्र अभिकर्ता पीठ के बल सड़क पर गिरा और उसका सिर फट गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक के पुत्र ने रोडवेज बस चालक पंकज पाठक को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रविवार को सुबह लगभग साढ़े नौ बजे घटना से गुस्साए क्षेत्र के लोग सड़क पर आ गए। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ परिवार को 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता व आश्रित पुत्र को स्थायी रोजगार दिलाए जाने की मांग को लेकर साहबगंज में अयोध्या-फैजाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और प्रदर्शन करने लगे।
लगभग डेढ़ तक लगा जाम कोतवाल अरविंद मोहन जायसवाल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन लेकर व कार्रवाई का आश्वासन देकर समाप्त कराया। प्रदर्शन में हॉकर का पुत्र उत्कर्ष सिंह, सुशील तिवारी, विनीत सिंह, पुनीत कनौजिया, विकास मौर्य, सत्यनारायन, सरफराज अहमद, राकेश, राजेश, संजीव, उत्कर्ष श्रीवास्तव आदि क्षेत्र के लोग शामिल रहे।