दूरदराज के श्रद्धालु भक्तों ने पतित पावनी सरयू में डुबकी लगा प्रमुख मंदिरों प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीकालेराम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
सावन मास को शिव आराधना के प्रमुख माह के रूप में विशेष मान्यता है। गुरु पूर्णिमा पर्व पर गुरु के पूजन के बाद हजारों की संख्या में श्रद्धालु नगरी में डेरा जमाए रहे।
मास के पहले दिन पर भोर से ही पतित पावनी सरयू के तट पर श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ जुटी। सरयू में स्नान-दान के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ राम की पैड़ी स्थित प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ पूजन-अर्चन के लिए जुटने लगी।
मंदिरों में हर-हर महादेव व बम बोले के जयकारों से गूंजने लगे। देर शाम तक मंदिर में पूजन-अर्चन के लिए शिव भक्तों की कतारें लगी रहीं। इसी तरह प्रसिद्ध क्षीरेश्वरनाथ महादेव, कोटेश्वरनाथ महादेव समेत अन्य छोटे-बड़े सभी शिव मंदिरों में भोर से पूजन-अर्चन के लिए शिव भक्तों की भीड़ लगी रही।
मास के महात्म को देखते हुए शिव मंदिरों के साथ ही विभिन्न स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान व कार्यक्रमों का भी आयोजन शुरू किया गया है।