अयोध्या। गुरु पूर्णिमा पर सोमवार को रामनगरी अपने अद्भुत रंग में नजर आई। हजारों मठों, आश्रमों में गुरु-शिष्य परंपरा का बखूबी निर्वहन किया गया। गुुरु दरबारों में बड़ी संख्या में पहुंचे शिष्यों और अनुयायियों ने न सिर्फ गुरु के चरणों में अपने शीश नवाए बल्कि उनका दर्शन-पूजन भी किया। दूरदराज से आए शिष्यों ने शुुुभ मुहूर्त में गुरुओं का पूजन कर दीक्षा ली। रामनगरी में चल रहे विकास कार्यों के चलते गुरु दरबार तक पहुंचने के लिए भक्तों को कड़ा संघर्ष भी करना पड़ा, पर दुश्वारियों पर आस्था भारी नजर आई।
मणिरामदास की छावनी में महंत नृत्यगोपाल दास के दर्शन-पूजन के लिए भारी संख्या में भक्त पहुंचे। सांसद लल्लू सिंह, पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा-अर्चना की। हरिधामगोपाल पीठ में जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य ने अपने गुरु जगद्गुरू श्रीहर्याचार्य का विधिवत पूजन-अर्चन किया। उन्होंने भक्तों से कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु और शिष्य का संबंध अद्वितीय होने का साक्षी बनता है। रंगमहल में भी गुरुपूजन की धूम रही। महंत रामशरण दास के प्रति श्रद्धा अर्पित करने वालों में न्यायिक व प्रशासनिक हस्तियां शामिल रहीं।
उदासीन आश्रम में महंत डॉ. भरत दास ने समाधिस्थ महापुरुषों की आरती कर गुरु परंपरा के निर्वहन का संकल्प लिया। श्रीराम बल्लभाकुंज में गुरु पूजन को सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। नाका हनुमानगढ़ी में महंत रामदास ने सद्गुरू देव मंदिर आंदोलन के अहम किरदार महंत भाष्कर दास व अन्य पूर्वाचार्यों के प्रति श्रद्धा अर्पित की। इस दौरान अनुष्ठान भी हुए। हिंदू धाम में पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का पूजन-अर्चन करने के लिए भक्तों की भीड़ डटी रही। हनुमानबाग में महंत जगदीश के संयोजन में गुरु पूर्णिमा के उत्सव की धूम रही। यहां गुरुपूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। इसी तरह गोकुल भवन, रामायणम आश्रम, सियाराम किला झुनकीघाट, हनुमत निवास, विअहुति भवन आदि प्रमुख पीठों पर शिष्यों की भारी भीड़ रही।
दशरथमहल में चरम पर दिखी आस्था
गुरु ब्रह्मा हैं, गुरु विष्णु हैं, गुरु ही शिव हैं। गुरु ही साक्षात परमब्रह्म हैं। ऐसे गुरु को प्रणाम के भाव के साथ दशरथ महल बड़ास्थान में शिष्यों का रेला उमड़ पड़ा। गुरु पदरज की धूल सिर-माथे लगाने के लिए भक्त कतारबद्ध नजर आए। महंत बिंदुुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य का विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद उमड़े शिष्यों व भक्तों ने देवेंद्रप्रसादाचार्य के प्रति श्रद्धा निवेदित की।
गुरु की भूमिका में नजर आए महापौर
अयोध्या नगर निगम के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी सोमवार को गुरु की भूमिका में नजर आए। आश्रम में सुबह सात बजे से शुरू हुआ गुरु पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। महापौर ने सोमवार को दूरदराज से आए भक्तों को मंत्र दीक्षा दी। उन्होंने कहा कि जनसेवा के साथ सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाना भी उनका ध्येय है। संस्कृति की जड़ें गहरी होंगी तो समाज तरक्की के मार्ग चलेगा।