अयोध्या। नगर निगम के वाहन हर महीने करीब 60 लाख रुपये का डीजल फूंक रहे हैं। यह रकम निगम के बजट पर भारी पड़ रही है। इस खर्च को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम के सभी वाहनों में जीपीएस चिप लगाने की तैयारी है। इसके साथ फ्यूल सेंसर भी लगाया जाएगा। वाहनों की गतिविधि पर एक एप के जरिए नजर रखी जाएगी।
नगर आयुक्त विशाल सिंह लंबे समय से नगर निगम पर हो रहे डीजल खर्च को लेकर चिंतित थे। अफसरों का मानना है कि डीजल का खर्च जरूरत से ज्यादा हो रहा है। आशंका है कि वाहनों का दुरुपयोग हो रहा है, या फिर डीजल खरीद में खेल किया जा रहा है। इसी पर रोक लगाने के लिए अब नए इंतजाम किए जा रहे हैं।
अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी वाहनों में जल्द ही जीपीएस और फ्यूल सेंसर लगाए जाएंगे। इसके बाद केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत एक एप के जरिए सभी वाहनों के संचालन की निगरानी की जाएगा। वाहनों का हर स्थान पर रुकने का एक समय निर्धारित है। यदि कोई वाहन तय समय से पांच मिनट भी अधिक रुका तो अलर्ट आ जाएगा। इस सिस्टम से सारा विवरण भी ऑनलाइन हो जाएगा। उम्मीद है कि इससे डीजल के खर्च में कमी आएगी। (संवाद)
वॉकी-टॉकी से लैस होंगे अफसर व सुपरवाइजर
अयोध्या। आने वाले दिनों में नगर आयुक्त अपने सभी अधिकारियों व सुपरवाइजरों को एक ही कॉल में संबोधित कर सकेंगे। इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों और सुपरवाइजरों के हाथों में जल्द ही वॉकी-टॉकी होंगे। शहर की सफाई से लेकर मेलों आदि के दौरान यह व्यवस्था खासी कारगर होगी।
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि अयोध्या में अनेक धार्मिक मेलों का आयोजन होता है। इस दौरान सफाई सुपरवाइजरों को एक साथ कंट्रोल करने व संदेश देने की जरूरत पड़ती है। नगर आयुक्त विशाल सिंह के प्रयास से अब सभी अफसरों व सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारियों को वॉकी-टॉकी दिए जाएंगे। इसके लिए निविदा भी आमंत्रित की गई है।