अयोध्या। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को समाज की समस्याओं व बीमारियों के समाधान का काम करना चाहिए। सभी विश्वविद्यालयों व शिक्षण संस्थाओं को अपने आसपास से 5 से 10 गांव गोद लेकर वहां शत-प्रतिशत बच्चों की शिक्षा से लेकर महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, स्वास्थ्य पोषण, दहेज रहित शादी आदि के लिए भी काम करना चाहिए।
उन्होंने विवि के कोर्स में गर्भ संस्कार का नया विषय शामिल करने की जरूरत बताते हुए कहा कि महिला संस्कारित व स्वस्थ होगी, तभी देश को बेहतर कर्णधार मिलेंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अधिकाधिक फलदार पौधे लगाने व जल संरक्षण करने का आह्वान किया।
वह गुरुवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में बोल रहीं थीं। समारोह में राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 106 मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि एक प्रशासक के रूप में, भाई के रूप में, सामाजिक समसरता के रूप में भगवान श्रीराम समूचे विश्व के लिए अनुकरणीय हैं। भारत की वैभवशाली गरिमा सर्वे भवंतु सुखिन: की परंपरा पर आधारित है।
यह हम सभी का दायित्व है कि इस समृद्ध संस्कृति का प्रचार प्रसार करें। वहीं अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि अयोध्या विश्व की सबसे प्राचीन नगरी है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जन्मभूमि एवं राष्ट्रीय चिंतक एवं विचारक डॉ. राममनोहर लोहिया की कर्मस्थली है।
दीक्षा के उपरांत आप सभी छात्र जीवन के नये चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। आपकी मनोदृष्टि मानवीय होनी चाहिए। किसी भी देश के विकास में उसकी समृद्धि संस्कृति का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
अवध विवि में पर्यटन क्षेत्र के कार्यों की प्रशंसा की। कहा कि छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए जहां पर्यटन समेत कई कोर्स संचालित हो रहे हैं, वहीं यहां के विद्यार्थियों ने दिव्य दीपोत्सव में तीन लाख से अधिक दीप जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है।
इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत ग्रंथ गुच्छ, स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र देकर किया। उपाधि पाने वालों को दीक्षोपदेश एवं कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई।
दीक्षांत समारोह में 106 स्वर्ण पदक बांटे गए, जिसमें 26 कुलपति स्वर्णपदक, 63 कुलाधिपति स्वर्णपदक तथा दान स्वरूप पदक के रूप में 17 स्वर्णपदक दिए गए। समारोह में 719 स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी उपाधि दी गई। समारोह में मुख्य रूप से कुलसचिव रामचंद्र अवस्थी, वित्त अधिकारी एलपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक उमानाथ, उपकुलसचिव विनय कुमार सिंह, प्रो. अशोक शुक्ल आदि मौजूद रहे।
अरुणिमा को दी डी लिट की मानद उपाधि
दीक्षांत समारोह में पर्वतारोही अवध विश्वविद्यालय की पुरातन छात्रा व पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा को डीलिट की मानद उपाधि दी गई। उपाधि देते हुए राज्यपाल ने उनके योगदान व अदम्य साहस का जिक्र किया। दीक्षांत समारोह में आकर्षण का केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों से आये प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं व गुरुकुल के बटुक रहे।