जाम की समस्या ज्यादा प्रमुखता से उठी। एक व्यक्ति ने कहा कि गोसाईगंज बाजार सुबहस से लेकर शाम तक जाम से घिरा रहता है। हाल यह है कि यह है कि बाजार को पार करने में कभी-कभार एक से लेकर डेढ़ घंटे तक लग जाता है।
गोसाईगंज को जाम से मुक्ति चाहिए। सरकारी अस्पताल से लेकर शिक्षण संस्थान तक में कार्य संस्कृति की बिगड़ी स्थितियों पर लोग आक्रोशित दिखे। हाल यह है कि सरकारी अस्पताल तो है लेकिन वहां पर समय से न तो चिकित्सक रहते हैं और न ही दवाएं ही उपलब्ध रहती है। प्रदूषण की शिकार तमसा नदी को देख लोग व्यथित हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लापरवाही पर लोग नाराज दिखे।
अमर उजाला के वोटर अड्डा में मंगलवार को गोसाईगंजवासियों ने राय रखी। एक व्यक्ति ने कहा कि स्वच्छता बहुत जरूरी है। स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता अनिवार्य है। रस्म अदायगी में ही स्वच्छता अभियान सिमटा हुआ है।
अयोध्या में जगह-जगह गंदगी पड़ी हुई है। परीक्षाओं में ईमानदारी बरती जाने की मांग भी उठी। एक व्यक्ति ने कहा कि जब से नकल का चलन तेज हो गया है तभी से शिक्षा की साख गिरती जा रही है। एमएलए ऐसा हो जो परीक्षा में हो रही नकल पर नकेल लगाने के लिए ईमानदार कोशिश करे। युवाओं पर ध्यान दिए जाने की मांग हुई।
एक वक्ता ने काह कि युवा पीढ़ी देश की रीढ़ होती है लेकिन यहां तो युवा वोट बैंक बन गया है। हर पार्टी युवाओं की बात करती है लेकिन उनके हाथों को काम देने के बजाय उन्हें लालच देती है। तमसा नदी के प्रदूषण पर लोग दुखी दिखे। एक वक्ता ने कहा कि रामायण कालीन नदी तमसा प्रदूषण से बुरी तरह घिर चुकी है। हाल यह है कि तमसा तिल-तिल कर मरने को विवश है और प्रदृषण नियंत्रण बोर्ड चुप्पी साधे हुए है।
गोसाईगंज में जाम की समस्या ज्यादा प्रमुखता से उठी। एक व्यक्ति ने कहा कि गोसाईगंज बाजार सुबहस से लेकर शाम तक जाम से घिरा रहता है। हाल यह है कि यह है कि बाजार को पार करने में कभी-कभार एक से लेकर डेढ़ घंटे तक लग जाता है।
गोसाईगंज को जाम से मुक्ति चाहिए। बाजार में बजबजाती नालियों को समय-समय पर साफ कराए जाने की मांग उठी। एक व्यक्ति ने कहा कि गोसाईगंज बाजार में नालियों की स्थिति ठीक नहीं है। समय पर नालियों की सफाई नहीं होती जिसके कारण वह बजबजाती रहती है।
एक वक्ता ने कहा कि बिजली आंख मिचौली करती रहती है। बिजली की कमी से व्यापार वाणिज्य तो प्रभावित होता ही है, छात्र/छात्राओं को पढ़ाई में भी दिक्कते होती है। बाजार को 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। महादेवा घाट का सौदर्यीकरण की मांग उठी। एक वक्ता ने कहा कि तमसा नदी के तट पर बने महादेवा घाट की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधाओं से गुजरना पड़ता ह।