ग्रामीणों ने डूब रही युवती को बचाने का प्रयास किया लेकिन नहर में पानी अधिक होने से वह कुछ ही देर में आंखों से ओझल हो गई। मंगलवार की शाम तक ग्रामीण युवती को नहर में तलाशते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली।
पुलिस ने डूबी युवती की तलाश में किसी गोताखोर को नहर में नहीं उतारा। युवती सोमवार को बैंक से रुपये निकालने के लिए साइकिल से घर से निकली थी।
कोतवाल ने कहा कि एसडीएम से नहर में पानी कम कराने के लिए कहा गया है। जिसके बाद युवती को तलाशा जाएगा। मीन का पुरवा निवासी दीपमाला (18) पुत्री शिवशंकर इंटर की पढ़ाई करने के बाद बाकरगंज में सिलाई सीखती है।
युवती कि पिता ने बताया कि सोमवार को तकरीबन तीन बजे वह बाकरगंज स्थित बैंक शाखा से रुपये निकालने के लिए साइकिल से निकली थी। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंची ने उसकी खोजबीन शुरू हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि नहर किनारे एक साइकिल पड़ी है। स्थानीय लोगों ने युवती के परिवारीजनों को बताया कि जिसकी यह साइकिल है वह नहर में डूब गई।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सोमवार की शाम करीब 4 बजे स्कूली छात्रों ने एक लड़की की नहर से बचाओ-बचाओ की आवाज सुनी तो छात्रों ने शोर मचाया।
खेतों में काम कर रहे लोग दौड़कर नहर के पास पहुंचे तो देखा कि एक लड़की नहर में डूब रही थी। जब तक ग्रामीण उसे बचाने का प्रयास करते वह आंखाें से ओझल हो चुकी थी।
इस बाबत महराजगंज थानाध्यक्ष सज्जाद हुसैन नकवी ने बताया कि एसडीएम सदर को सूचित कर नहर का पानी कम कराने को कहा गया है जिससे युवती को तलाशा जा सके।
उधर पुत्री के डूब जाने की खबर से गांव में कोहराम मच गया। वही ग्रामीण युवती को तलाशने के लिए मंगलवार की देर शाम तक नहर में प्रयास करते रहे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। युवती कि पिता ने पुलिस को तहरीर दी है।