अयोध्या। छुट्टा पशुओं की समस्या प्रदेश के हर जिले में है। इनसे हो रही परेशानी चुनावों में भी मुद्दा बन रही है। अयोध्या से शुरू हुआ एक प्रयोग अगर सार्थक रहा तो इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। जिलाधिकारी ने हमारा गांव, हमारी जिम्मेदारी... नाम से हर गांव में एक छोटी गौशाला बनाने का आदेश जारी किया है। जिले में इस पर काम भी शुरू हो गया है।
अयोध्या जिले में कुल 34 गौशालाएं हैं। अयोध्या शहर में नगर निगम की एक गौशाला के अलावा रुदौली नगर पालिका की एक गौशाला, दो नगर पंचायतों की गौशालाएं और एक जिला पंचायत की गौशाला भी शामिल है। इन गौशालाओं में फिलहाल कुल 7051 पशु बंद हैं बावजूद इसके जिले में हजारों की संख्या में छुट्टा पशु घूम रहे हैं।
इस समस्या के स्थायी निदान के लिए जिलाधिकारी नितीश कुमार ने हमारा गांव, हमारी जिम्मेदारी अभियान के तहत 23 जनवरी को एक पत्र जारी किया था। इसमें सभी ग्राम पंचायतों में एक छोटी गौशाला अनिवार्य रूप से बनाने का आदेश दिया गया था।
हालांकि यह गौशालाएं 31 मार्च तक ही बन जानी थीं, लेकिन बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतें इसका इंतजाम नहीं कर पाई हैं। फिर भी कई बड़ी ग्राम पंचायतों में इस पर काम शुरू हो गया है। जिले की 784 ग्राम पंचायतों में यदि 20 पशुओं की गौशाला भी बन जाएगी तो 15000 से ज्यादा पशुओं के रहने का इंतजाम हो जाएगा।
हर ग्राम पंचायत में गौशाला बनाने के लिए ग्राम पंचायतें अपने मद का प्रयोग करेंगी। इसमें वे राज्य वित्त और मनरेगा के बजट का इस्तेमाल कर सकती हैं। जमीन ग्राम पंचायतों की ही इस्तेमाल होनी है।
- जगदीश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
यह प्रदेश में होने वाली अनूठी पहल है। बड़ी ग्राम पंचायतों में इस पर काम शुरू भी हो गया है। अन्य ग्राम पंचायतें भी इस पर खर्च के लिए बजट आदि पर विचार कर रही हैं। अगले दो माह में इस पर बड़े पैमाने पर अमल दिखने लगेगा।
- उपेंद्र पाल, जिला विकास अधिकारी