अयोध्या। किसान की खतौनी राजस्व लेखपाल ने वरासत के जरिए दूसरे के नाम कर दी। शिकायत लेखपाल से करने गए किसान को डांटकर भगा देने का भी आरोप है।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री, अध्यक्ष राजस्व परिषद और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर जमीन उसके नाम किए जाने और दोषी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भग्गू जलालपुर के पीड़ित तुलसीराम कनौजिया का आरोप है कि अभी वह जिंदा है। उसकी करीब साढे़ पांच बीघा पैतृक जमीन है जिसका वह तनहा मालिक है।
29 जुलाई को उसने कंप्यूटर से खतौनी की नकल निकलवाई को उसके होश उड़ गए। इस जमीन को हल्का लेखपाल मोतीलाल यादव ने प-क 11 ख वरासत के जरिए 24 अक्टूबर 2017 को गांव के ही निवासी मृतक तुलसीराम यादव के पुत्रों उदयराज यादव आदि के नाम दर्ज कर दिया है।
बताया कि हल्का लेखपाल मोतीलाल यादव, तुलसीराम यादव के पुत्र पियारे के मित्र हैं और दूर के रिश्तेदार लगते हैं। पीड़ित किसान ने आशंका जताई गई है कि अपने मित्र को लाभ पहुंचाने के नियत से उनकी जमीन की वरासत उनके पुत्रों के नाम पर दिया है।
बताया कि इस संबंध में हल्का लेखपाल से शिकायत की तो उन्होंने डांट कर भगा दिया। कहा कि जो मर्जी कर लो हम अब कुछ नहीं कर सकते हैं।
पीड़ित ने फर्जी ढंग से की गई वरासत को निरस्त करके दोषी लेखपाल के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। पैतृक खतौनी की वसीयत दूसरे के नाम हो जाने से पीड़ित किसान और उसके परिवारीजन परेशान हैं।
तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने बताया कि गांव में एक नाम के दो व्यक्ति होने के कारण हो सकता है इस तरह की गड़बड़ी हुई हो। अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं है इस तरह की वसीयत करना काफी गंभीर मामला है। शिकायत मिलने पर जांच कर दुरूस्तीकरण और कार्रवाई की जाएगी।