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कैफियात एक्सप्रेस में मिले आजमगढ़ के चार लापता बच्चे

Wed, 02 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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ट्रेन में मिले आजमगढ़ा के लापता बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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दिवाली पर भी पापा नहीं आए...। वह चार साल से घर नहीं आ रहे हैं। दिल्ली में नौकरी करते हैं। कहां काम करते हैं, कहां रहते हैं, यह नहीं मालूम है। मैं अपने तीन दोस्तों के साथ कैफियात एक्सप्रेस से पापा को ढूंढने निकला हूं।
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यह बातें आजमगढ़ के बिलरियागंज से लापता 13 वर्षीय दिनेश उर्फ टोनी ने कही, जब उसे जीआरपी ने ट्रेन से पकड़ बाल कल्याण समिति की कोर्ट में बुधवार को पेश किया। उसके साथ तीन और बच्चे भी हैं, जिनकी उम्र 7 से 13 साल के बीच है।

कैफियात एक्सप्रेस से दिल्ली जाते चारों बच्चों को जीआरपी ने मंगलवार को पकड़ा था, जिन्हें बुधवार को यहां न्यायालय बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सूचना पर बच्चों के परिवारीजन भी कोर्ट में आ चुके थे।
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ट्रेन में आजमगढ़ से दिल्ली जाते इन बच्चों पर जीआरपी अयोध्या के दरोगा गोपाल सिंह की नजर पड़ी। पूछताछ की तो, पता चला कि बच्चे बिना पूछे घर से चुपचाप भागे हैं। तत्पश्चात बच्चों को ट्रेन से उतारकर मेडिकल करवाया गया।

फोटो व रिपोर्ट के साथ न्यायालय बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. रानी अवस्थी के सम्मुख बुधवार को प्रस्तुत किया गया। डॉ. अवस्थी ने बताया कि बच्चों को तत्काल सुरक्षित संरक्षण देते हुए शिशु गृह में रखने का आदेश दिया था। एक बालक दिनेश ने अपना व साथियों का नाम पता बताया।

जिस पर परिवारीजनों को सूचना दी गई। बच्चे ने बताया कि उसके पिता चार साल से घर नहीं आ रहे हैं। इस बार भी दिवाली पर नहीं आए, तो उनसे मिलने व ढूंढने के लिए तीन दोस्तों के साथ दिल्ली जा रहा था। लेकिन उसे यह नहीं मालूम कि पापा कहां काम करते हैं और कहां रहते हैं।

बताया कि सभी बच्चे बिलरियागंज के ही उसके गांव के हैं, जिनका नाम सुनील, करण, व सूरज है। बुधवार को कोर्ट ने उक्त पते के अनुसार अभिभावकों का पता लगाकर चारों बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया है। लिखित रूप से वचनबद्ध कराया गया है कि वे बच्चों को स्कूल में पढ़ाएंगे व उनकी ठीक प्रकार से देखभाल भी करेंगे।

डॉ. अवस्थी ने बताया कि इस बाबत आजमगढ़ सीडब्लूसी को भी पत्र लिखा गया है जिससे बच्चों का निरीक्षण हो सके। फैसले के दौरान समिति के सदस्य अनुराग वैश्य, सुरेश मिश्र समेत जीआरपी के दरोगा व चाइल्ड लाइन के लोग उपस्थित रहे।
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