महीनों पहले आरक्षित टिकट लेकर एक अक्तूबर की रात ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्रियों ने पुराने समय से चार घंटा पहले ट्रेन के दिल्ली रवाना हो जाने पर जमकर हंगामा किया। स्टेशन अधीक्षक और वाणिज्य निरीक्षक को स्टेशन बुलाया गया। दोनों नहीं पहुंचे तो यात्रियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की।
आरक्षित टिकट लिए दो-ढाई सौ यात्री रात 11 बजे तक डटे रहेा। करीब 50 यात्रियों ने शिकायत पुस्तिका पर पीएनआर नंबर सहित शिकायत दर्ज की। दूसरी ट्रेन से दिल्ली भेजने की कंट्रोल रूम से अनुमति मिली तो सभी शांत हुए।
फैजाबाद से दिल्ली के बीच प्रतिदिन अप 14205 एक्सप्रेस ट्रेन रात 21:45 बजे रवाना होती थी। इस ट्रेन में स्लीपर और एसी कोचों में सैकड़ों यात्रियों ने महीनों पहले एक अक्तूबर का आरक्षण करा रखा था। एक अक्तूबर को ट्रेन बदले समय पर चार घंटा पहले 17:25 बजे फैजाबाद से छूट गयी।
पुराने समय पर ट्रेन रवाना होने को लेकर करीब दो सौ यात्रियों का हुजूम स्टेशन पहुंचा। ट्रेन चली जाने की जानकारी हुई तो सभी हंगामा करने लगे। स्टेशन मास्टर कार्यालय ने हंगामा बढ़ता देख आरपीएफ व जीआरपी को बुला लिया। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक, जीआरपी एसओ आदि फोर्स के साथ हंगामा करते यात्रियों को शांत कराते रहे।
एसएस दिग्विजय कुमार और सीएमआई अजय सिंह फोन करने पर भी नहीं गये। सीआईटी मुकुल सक्सेना हंगामा देख खिसक गये। हंगामा करते यात्रियों को उन्हीं का टिकट दिखाया गया, जिस पर लिखा था ‘न्यू टाइम टेबल फ्रॉम 01.10.2016’। टिकटों पर ट्रेन के जाने व आने का कोई समय न होने से यात्रियों को ट्रेन छूटने का जिम्मेदार कहा गया।
अफसरों ने कंट्रोल रूम को स्थिति से अवगत कराया। अनुमति पर कुछ को मरुधर एक्सप्रेस से लखनऊ भेजा गया। शेष को कामाख्या-भगत कोठी से दिल्ली रवाना किया गया। इस ट्रेन के टीटीई से किसी यात्री से कोई चार्ज न वसूलने को कहा गया।
स्टेशन की शिकायत पुस्तिका में करीब 50 यात्रियों ने कंप्लेन दर्ज कराई है। जीआरपी एसओ भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हंगामे की सूचना पर फोर्स के साथ पहुंचकर लोगों को शांत कराया गया। एसएस दिग्विजय कुमार ने कहा कि शिकायत मिली है, जांच कराई जा रही है।