अयोध्या। जिले में पर्यावरण की दृष्टि से अच्छी खबर है। वन क्षेत्र में करीब चार वर्ग किमी. की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यहां हरियाली बढ़ने के पीछे वन विभाग के अफसर सरयू और गोमती जैसी नदियों की वजह से बेहतर जलवायु को मानते हैं।
फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या का कुल भौगोलिक क्षेत्र 2341 वर्ग किमी. है। वर्ष 2011 की गणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 24 लाख 70 हजार 996 है। कुल वन्य क्षेत्र 86 वर्ग किमी. है। इसमें अति घना जंगल छह वर्ग किमी. व मध्यम घना वन क्षेत्र 10 वर्ग किमी. है। खुला वन्य क्षेत्र 70 वर्ग किमी. है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अयोध्या जिले में चार वर्ग किमी. वन्य क्षेत्र बढ़ा है।
डीएफओ शितांशु पांडेय का कहना है कि यह परिणाम पांच साल में हुए कुल करीब आठ हजार हेक्टेयर पौधरोपण का परिणाम है। हर साल डेढ़ हजार हेक्टेयर पौधरोपण का औसत है। एक वर्ग किमी. में 100 हेक्टेयर होता है। ऐसे में सारे नुकसान के बाद बाद भी वन्य क्षेत्र में वृद्धि हुई है। इसकी वजह नम क्षेत्र है। सरयू व गोमती जैसी नदियों के कारण जलवायु अनुकूल है। डीएफओ के मुुताबिक बीते वर्ष वन विभाग की ओर वर्षा ऋतु में 16 लाख पौधे रोपित किए गए थे। सही देखभाल के चलते इनमें से करीब 85 प्रतिशत पौधे सुरक्षित हैं। बताया कि इस वर्ष भी विभाग द्वारा 16.25 लाख पौधे रोपित करने की योजना है। इसकी शुरूआत सोमवार को पर्यावरण दिवस के मौके पर हुई। वनबीरपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में डीएम नितीश कुमार ने पौधरोपण कर अभियान की शुरूआत की।
बसौड़ी पौधशाला में 41 प्रजाति के पौधे तैयार
पटरंगा (अयोध्या)। वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि विभाग की बसौड़ी पौधशाला में पीपल, पाकड, बरगद, आम, जामुन, अमरूद, शीशम, सागवान, सहजन, रुद्राक्ष, नींबू सहित कई प्रकार के पौधे तैयार हैं। क्षेत्र के मवई ब्लॉकी 55 ग्राम सभाओं और रुदौली ब्लॉक 90 ग्राम सभाओं के साथ सरकारी विभागों में वर्षाकाल में छह लाख पौधे रोपे जाएंगे।
32 हजार पौध रोपित कर चुके ट्रीमैन श्रवणजीत
अयोध्या। मिल्कीपुर के परसपुर सथरा निवासी श्रवणजीत कनौजिया धरती मां की गोद हरी भरी रखने के लिए अलख जगा रहे हैं। उन्होंने 10 साल में 32 हजार पौधे रोपित कर ट्रीमैन के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने इसकी शुरूआत आठ सितंबर 2012 को अपनी बेटी के जन्मदिन से की थी। उन्होंने नारा दिया कि पौध लगाए हर इंसान, पैदा हो जब घर संतान। उनका नारा मंत्र बन गया। उनके प्रयास से अब जिले में 32 हजार से ज्यादा पौधे रोपित किए जा चुके हैं। पेशे से सिलाई का काम करने वाले श्रवणजीत अपनी कमाई के एक हिस्से से पौध खरीदते और उन्हें मुफ्त बांटते हैं।
पर्यावरण व पक्षी संरक्षण अभियान से जुड़े आचार्य शिवेंद्र
अयोध्या। पेशे से शिक्षक एवं ज्योतिषविद् आचार्य शिवेंद्र पर्यावरण व पक्षी संरक्षण अभियान से जुड़े हैं। वे करीब 10 हजार घोंसले वितरित करने के साथ इतने ही पौध रोपित कर चुके हैं। उन्होंने इस मुहिम को ज्योतिष से भी जोड़ा है। लोगों के नक्षत्रों व ग्रहों के आधार पर संबंधित पौध वितरित करते हैं। उनके द्वारा भरतकुंड, अवध विश्वविद्यालय, विवेक सृष्टि समेत कई स्थानों पर नवग्रह वाटिका लगाई है।