सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों व चौक-चौराहों तक कांवरियां भक्तों की टोलियां शिव भक्ति रस में डूबे हैं। भोले बाबा का जलाभिषेक और शृंगार कर मंगल कामनाएं कर रहे हैं।
गाजे-बाजे के साथ शिव भक्ति गीतों की धुन पर नाचते-गाते कांवरियों की टोलियां नगरी के गली-कूचों व चौक चौराहों पर सुबह से ही है।
भोर होते ही कांवरियों की टोलियां सरयू तट पर स्नान कर प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ महादेव में जलाभिषेक करने के साथ-साथ प्रमुख मंदिरों हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन कर रही हैं।
सरयू नदी के तट पर भोर से ही कांवरियों की टोलियां व अन्य शिव भक्तों का रेला सरयू में स्नान-दान के बाद सरयू तट पर ही स्थित पौराणिक महत्व की पीठ नागेश्वरनाथ पर देखा गया।
यहां पर श्रद्धालुओं का भारी दबाव बना रहा। प्रतिष्ठित भोले बाबा की पीठ क्षीरेश्वरनाथ पर भी भक्तों का तांता लगा रहा। कोटेश्वरनाथ, चंद्रहरि, कनकेश्वरनाथ आदि शिव मंदिरों पर भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कहीं अधिक भीड़ देखी गई।
पड़ोसी जिलों गोंडा, बस्ती, बहराइच, गोरखपुर, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बाराबंकी आदि स्थानों से कांवरियों की टोलियां नगरी में प्रमुख शिवालयों व सिद्ध स्थानों पर जलाभिषेक के लिए पहुंच रही हैं। कांवरियों की बढ़ती भीड़ से नगरी में मेले जैसा माहौल है।