मतगणना केंद्रों पर रविवार को तस्वीर लगातार बदलती रही। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन कराने में पुलिस-प्रशासन को पसीना छूट रहा था।
मतगणना के बाद परिणाम मिलान और ऑनलाइन फीडिंग के लिए अफरातफरी का माहौल रहा। इंटरनेट नेटवर्क ने लोगों को खूब छकाया। ऑनलाइन परिणाम जानने वालों को इस नेटवर्क ने खूब छकाया।
रविवार को मतगणना केंद्रों का नजारा देखने वाला था। मतगणना शुरू होने के साथ जैसे-जैसे किसी प्रत्याशी की वोटों की गड्डियां मोटी हो रही थीं। दूसरे प्रत्याशियों के होंठ सूखने लगते थे।
चेहरे पर मायूसी के भाव दिखने लगता था। एक-एक वोट के लिए जद्दोजहद हो रही थी। मतगणना पूरी होने के साथ एक प्रत्याशी के समर्थक ठहाके लगाते तो अन्य के समर्थक मुंह लटकाए चुपचाप बाहर चले जाते।
बैरियर के बाहर प्रशासन की सारी बंदिशें टूटती दिखीं। जुलूस और माला फूल के साथ अबीर गुलाल से सड़कें लाल पीली हो रही थीं। मतगणना केंद्र के अंदर भी अफरातफरी कम नहीं थी।
मतगणना विवरणी आने के बाद वोटों के मिलान के बाद परिणामों की ऑनलाइन फीडिंग कई केंद्रों पर मुश्किल का सबब बन गई थी। इंटरनेट नेटवर्क इसमें बाधक बन रहा था।
बताया गया कि लगभग सभी नेटवर्क से ऑनलाइन फीडिंग के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी। हाल ये रहा कि घोषणा के साथ ऑनलाइन परिणाम देखने को नहीं मिले।
शाम साढ़े चार बजे तक परिणाम तो छह सौ से ज्यादा घोषित हो गए लेकिन ऑनलाइन दिख रहे थे लगभग पौने पांच सौ। ऑनलाइन परिणाम जानने के इच्छुक महेंद्र, राजकिशोर, रत्नाकर, रोहित आदि का कहना था कि इंटरनेट नेटवर्क की दिक्कत के चलते परिणाम कम ही दिख रहे थे।
बीएसएनएल तो दूसरी बेला पूरी तरह से बैठ गया। इसके जरिए कुछ भी नहीं देखा जा सका। अफसरों का कहना था कि परिणाम की ऑनलाइन फीडिंग साथ-साथ कराई जा रही थी।