फैजाबाद में गुरुवार को गलन व कोहरे के बीच स्कूल जाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
सर्द हवा के बीच कोहरे से गुरुवार को दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन बर्फीली बूंदें गिरीं तो पारा .5 डिग्री लुढ़क कर 10.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस साल का सबसे ठंडा दिन स्कूली बच्चों पर भारी पड़ा है।
बच्चे कांपते हुए घर से निकले तो स्कूलों में भी कंपकंपी नहीं छूटी। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, ट्रेनें भी देरी से चल रही है। ऐसे हालात में सार्वजनिक स्थलों पर लोग जान बचाने के लिए अलाव ढूंढते दिखे, मगर जिला प्रशासन व नगरपालिका की संवेदनहीनता से कहीं भी अलाव जलाने के इंतजाम नहीं हुए हैं। कंबल को लेकर सारी कवायद फाइलों में ही है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, पछुआ हवा और कोहरे ने गुरुवार को इस साल का सबसे ठंडा दिन बना दिया। कोहरे के साथ बर्फीली बूंदें गिरीं तथा पछुआ हवा चली तो आमजन के साथ बेजुबानों की मुश्किलें और बढ़ गई। सर्द हवा ने स्कूल को निकले मासूमों की हालत पस्त कर दी।
सड़कों पर वाहन तो रेलवे ट्रैक पर उतरी ट्रेनें लाइटें जलाकर रेंगते हुए गुजरीं। पूरे दिन ठंड और धुंध रही। कोहरा व हवा का रुख नहीं बदला तो अगले शुक्रवार को गलन तथा ठंड में और इजाफा होगा। इससे सभी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
नगर निकायों और तहसील प्रशासन की ओर से कहीं भी अब तक अलाव नहीं जले हैं। गरीबों, बेसहारों के बीच कंबल वितरण भी नहीं हुआ है। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर बैठे यात्री ठंड से कांपते रहे। स्कूल जाते बच्चे ठंड से सिकुड़े रहे।
कोहरे की मार से ट्रैक पर ट्रेनें तो सड़क पर वाहन रेंगते रहे। ट्रेनें तो समय की पटरी से पूरी तरह उतर गयी हैं। यात्रियों का हाल इतना खराब कि ट्रेनों के आने के इंतजार में उन्हें पूरी रात परिवार के साथ जागकर काटनी पड़ रही है। सड़कों के किनारे लोग गत्ता जलाकर हाथ सेंकते रहे।