अयोध्या। शहर से गांव तक गुरुवार की सुबह आसमान में कोहरे की चादर छा गई। हाइवे पर विजिबिलिटी लगभग 20 मीटर तक रही, इसके चलते वाहन दिन में लाइट जलाकर रेंगते आगे बढ़ रहे थे। घने कोहरे के बावजूद अधिकतम तापमान औसत से कम लेकिन न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। वहीं, इसका असर रोडवेज की बसों पर भी पड़ा है। रेलवे में डायवर्जन के चलते नाममात्र ट्रेनें ही चल रही हैं, जो चल रही हैं वह तीन से चार घंटे लेट रहीं।
दो दिन से कोहरा गिर रहा है। बुधवार की देर रात से ही कोहरा गिरना शुरू हो गया। गुरुवार सुबह शहर से गांव तक इसकी चादर फैली थी। खेत की हरियाली और हाइवे पर रास्ता दिखाई नहीं पड़ रहा था। विजिबिलिटी कम होने के कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा। वाहन रेंगते हुए चल रहे थे। स्कूली बच्चे कोहरे के बीच स्कूल पहुंचे।
किसानों को गेहूं की फसल के लिए कोहरे और ठंड की दरकार है। कई दिन से इसका इंतजार था। किसान कहते हैं अब तक केवल एक-दो दिन हल्का कोहरा पड़ा था। कोहरा गिरा तो किसान खुश हो गए। कोहरा सुबह 11 बजे कम हुआ। किसान राम प्रताप व राम नरायन ने कहा कि यह गेहूं की फसल के लिए संजीवनी है। थोड़ी सर्दी बढ़ जाती, कोहरा लगातार गिरता तो फसल को खूब लाभ होता।
कोहरे के बावजूद ठंड औसत से कम रही। हालांकि अधिकतम तापमान में कमी आई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से छह डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 10.5 दर्ज हुआ जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। आचार्य नरेंद्र देव कृषि व मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि अभी आगे भी कोहरा छाया रहेगा, ठंड में भी इजाफा होगा।
सुबह 11 बजे के बाद डिपो से निकली बसें
सुबह करीब 11 बजे कोहरा छटा, जिसके बाद रोडवेज की बसें डिपो से बाहर निकलीं। देर रात में भी घने कोहरे के चलते अन्य डिपो की चार बसों को अयोध्या डिपो में रोका गया। अयोध्या डिपो के एआरएम आदित्य प्रकाश ने बताया कि सभी चालक व परिचालकों को निर्देश दिया गया है कि रास्ते में कोहरे के चलते विजिबिलिटी शून्य होने पर बसों को होटल, धर्मशाला, पुलिस बूथ के पास सुरक्षित स्थानों पर खड़ी कर दें। विजिबिलिटी बढ़ने पर ही बसों को चलाएं। बताया कि कोहरे के चलते बाहर से आने वाली बसों को डिपो में राेका जा रहा है। डिपो से दिन की बसों को संचालित किया जा रहा है। अयोध्या से देर रात संचालित होने वाली बस सेवा नहीं है। वहीं, इसका असर रेलवे पर भी पड़ा है। हालांकि डायवर्जन के चलते इस रूट से इक्का-दुक्का ट्रेनें ही चल रही हैं। गुरुवार को कैफियत एक्सप्रेस चार तो साबरमती एक्सप्रेस भी तीन घंटे लेट रही।