अयोध्या। दीपोत्सव समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए अविवि परिसर में किया जा रहा भगवान के किशोर स्वरूप
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अयोध्या। छठे दीपोत्सव-2022 को भव्य एवं दिव्य बनाने के लिए मुख्य मंच के सामने घाट नंबर-10 पर पांच हजार वर्ग फीट में आकर्षक रंगोली एवं प्रभु श्रीराम कथा आधारित कलाकृतियों का निर्माण ईकोफ्रेंडली पद्धति से किया जा रहा हैं। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न की प्रतिमा निर्माण हेतु आरमेचर के स्वरूप को निर्मित किया गया। सभी स्वरूपों के निर्माण में पैरा, मिट्टी, बालू एवं अन्य सामग्रियों का प्रयोग किया जा रहा है।
ललित कला (फाइन आर्ट्स) विभाग की वरिष्ठ सहायक आचार्य डॉ. सरिता द्विवेदी के संयोजन में थ्री डी मनमोहक रंगोली एवं प्रभु श्रीराम के ’किशोर स्वरूप को विभाग के 45 छात्र-छात्राओं द्वारा उकेरा जा रहा हैं।
अविवि के ललित कला (फाइन आर्ट्स) विभाग व अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से छठे दिव्य दीपोत्सव को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए विवि परिसर में अभी आकर्षक एवं रमणीक मूर्ति निर्माण किया जा रहा हैं। सभी निर्मित मूर्तियां 3-3 फीट की होगी। इन्हें 21 अक्तूबर को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाया जाएगा।
अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक ललित कला (फाईन आर्ट्स) प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घाट नंबर- 10 पर रामकथा आधारित 5-5 छोटे ब्लाकों के साथ एक भव्य बड़ी रंगोली का निर्माण फूलों के द्वारा किया जाएगा। इसके लिए करीब एक क्विंटल फूलों की पंखुड़ियां इस्तेमाल की जाएंगी।