पांच दिन बंदी के बाद छठे दिन बैंक खुले तो सुबह से ही बैंक शाखाओं में ग्राहकों भी भीड़ अपने-अपने काम के लिए जमा हो गई। हाल यह रहा कि कहीं-कहीं पर तो कतार में ग्राहकों को लगना पड़ा। वहीं दूसरी ओर ग्राहकों को उम्मीद थी कि छठे दिन एटीएम की सेवा ठीक से बहाल हो जाएगी लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि कहीं पर रुपयों से खाली रहे एटीएम तो कहीं पर एटीएम खराब होने की सूचना देते रहे। तमाम ग्राहकों को एटीएम आने के बाद निराश होकर लौटना पड़ा।
24 फरवरी को महाशिवरात्रि, 25 को माह के दूसरे शनिवार, 26 को रविवार, 27 को मतदान तथा 28 को बैंक कर्मियों के हड़ताल के कारण बैंक बंद रहे। इन पांच दिनों में ग्राहकों वित्तीय कठिनाइयों के साथ ही व्यावसायिक परेशानियों से जूझना पड़ा।
छठे दिन बुधवार को जब बैंकों की शाखाएं खुलीं तो ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। हाल यह रहा कि कुछ शाखाओं में ग्राहकों की लंबी-लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। सिविल लाइंस, रिकाबगंज, मोदहा, रीडगंज, चौक, देवकाली, साहबगंज, सआदतगंज, नियांवा आदि क्षेत्रों में स्थित बैकों में जबरदस्त दबाव रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गोसाईगंज, बीकापुर, मिल्कीपुर, कुमारगंज, पूरा बाजार, मया बाजार, तारुन, नंसा, जानाबाजार, चौरेबाजार, मसौधा, हैरिंग्टनगंज, सोहावल, रुदौली, मवई, बाबा बाजार, अमानीगंज, सुचितागंज आदि बाजारों में स्थित बैंकों की शाखाओं में भी कमोबेश ऐसा ही दबाव रहा।