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रमजान की तैयारियां शुरू, घरों में होंगी इबादतें

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अयोध्या। जिले में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान की तैयारियां शुरू कर दी हैं। चांद के दिखने के अनुसार 24 या 25 अप्रैल से रमजान की शुरुआत होगी। इस बार कोरोना महामारी के चलते मुस्लिम समुदाय के लोग अपने घरों में ही इबादत करेंगे। इसे लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने खास सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
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यहां तक कि रमजान की विशेष नमाज व तरावीह भी घरों पर अदा की जाएगी। शहर में घरों की साफ-सफाई के साथ किराना के सामानों की खरीदारी लोगों ने शुरू कर दी है। सहरी से लेकर इफ्तार तक के खाने-पीने के इंतजाम हो रहे हैं।
मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान का महीना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम समाज के लोग पूरे एक महीने खुदा की इबादत करते हैं। मुसलमान दिन में पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं, कुरआन की तिलावत और दिन में रोजा (उपवास) रखते हैं।
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तड़के सहरी और शाम को सूरज ढलने के बाद इफ्तार करते हैं। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय के लोग रमजान में तरावीह की विशेष नमाज को सामूहिक रूप अदा करते हैं। रमजान में मुख्य रूप से तीन अशरे होते हैं। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा अशरा दोखत से निजात पाने का होता है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में हर नेकी का सवाब 70 गुना अधिक हो जाता है।
इस कारण वश मुस्लिम समुदाय के लोग इस माह में शिद्दत के साथ नमाज, कुरआन की तिलावत व गरीबों की मदद का कार्य करते हैं। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते देश में लगे लॉकडाउन के चलते इबादतें मस्जिदों में न होकर घरों पर की जाएंगी। इसकी तैयारियां लोगों ने शुुरू कर दी है। घरों में साफ-सफाई का सिलसिला शुरू हो गया है। इफ्तार व सेहरी के लिए सामान एकत्रित किए जा रहे हैं। साथ ही घरों पर ही लोगों ने तरावीह व नमाजें अदा करने के इंतजाम में लगे हैं। जिन घरों में दो से पांच लोग हैं अपने-अपने घरों में ही जमात से नमाज पढ़ने की ठानी है।
घरों पर ही करें इबादत: नैय्यर मियां
दरगाह शरीफ रुदौली के सज्जादानशीन मुतवल्ली उलेमा मशायक बोर्ड अध्यक्ष ईदगाह जामा मस्जिद कमेटी शाह अम्मार अहमद अहमदी नैय्यर मियां ने कहा कि कोरोना जैसी छूत की बीमारी से पूरी दुनिया मुतास्सिर है जो काम हुकूमत को करने है वह सरकार कर रही है कुछ काम हम सब को करने है जो समाज के हर व्यक्ति पर लाजिम है कि इस बीमारी को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कतई कोई लापरवाही न करें। उन्होंने सभी से अपील की है कि कि पवित्र माह रमजान में अपने घरों में रहकर इबादत करें। कहीं पर इकट्ठा न हों ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। कोरोना जैसी छूत की खतरनाक बीमारी से इंसानों की जान महफूज रह सके।
नमाज व तरावीह घरों में ही अदा करें: मौलाना अरशद कासमी
रूदौली के मौलाना अरशद कासमी ने कहा कि रमजान के महीने में लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील ही है कि नमाज व तरावीह घरों में ही अदा करें। साथ ही जो लोग मस्जिद में इफ्तारी भेजते थे वे इस बार मस्जिद के बजाय जरूरतमंदों के घर पहुंचाएं। रमजान में इफ्तार पार्टियां करने वाले इसकी रकम से गरीबों को राशन बांटें। रोजेदार ये तय करें कि कोई किसी भी समुदाय का हो वो इंसान भूखा ना रहे। जिन लोगों पर जकात फर्ज है वे गरीबों में जकात जरूर बांटें।
कोरोना संक्रमण खत्म होने के लिए मांगें दुआ: इमाम मुफ्ती हस्बुल्लाह
शहर के मदनी मस्जिद के इमाम मुफ्ती हस्बुल्लाह खान बताते हैं कि रमजान का महीना अल्लाह ने अपने बंदों के लिए विशेेष रूप से बनाया है। इसमें हर जायज दुआएं कुबूल होतीं हैं। वह बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते मस्जिदों में तरावीह नहीं अदा हो सकती। इस लिए लोग अपने घरों पर ही इबादतों का सिलसिला बनाए। अगर घर में दो या उससे अधिक लोग हों तो घरों में ही जमात के साथ नमाज अदा करें। घर में तरावीह भी अदा की जाए अगर घर में कोई हाफिज हो तो ठीक नहीं तो छोटी तरावीह लोग अदा करें। साथ ही इस रमजान में कोरोना संक्रमण से देश व दुनिया को निजात दिलाने के लिए विशेष तौर पर दुआ की जाए।
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