शहर के रेतिया क्षेत्र में अवैध शराब बनाने व बेचने के बेरोकटोक चल रहे धंधे और पुलिस की काली कमाई के खिलाफ महिलाओं ने गुरुवार को मोर्चा खोल दिया। पहले क्षेत्र स्थित एक धर्मस्थल पर बैठक की, फिर आरपार की लड़ाई का संकल्प लेते हुए नारेबाजी के साथ कैंट थाने का घेराव कर दिया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अवैध धंधे का काला चिट्ठा खोलते हुए थाना पुलिस को जमकर खरीखोटी सुनाई। बाद में थानाध्यक्ष के कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
सरयू नदी के किनारे स्थित रेतिया समेत कई मोहल्ले अवैध शराब निर्माण व बिक्री को लेकर बदनाम है।
पुलिस की ओर से कार्रवाई के बजाय समर्थन के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि दबाव पर छिटपुट कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन अवैध शराब का धंधा बदस्तूर जारी रहता है। गुरुवार को रेतिया समेत आसपास के मोहल्ले की कई महिलाएं आगे आईं और क्षेत्र स्थित एक धर्मस्थल पर बैठक कीं।
बैठक में शराब से नुकसान पर विस्तार से चर्चा की गई और मौजूद महिलाओं को अवैध शराब की बिक्री से दूर रहने और शराब बिक्री रोकने का संकल्प दिलाया गया। इसके बाद वहां एकत्र लोगों का हुजूम कैंट थाने पहुंचा और थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन देकर अपनी मंशा से अवगत कराया और अवैध शराब बिक्री पर लगाम लगाने के लिए चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों में रेतिया, नया पुरवा, जमथरा घाट, ककरही बाजार, गुप्तारघाट आदि मोहल्लो मुन्नी निषाद, अंजनी शर्मा, अनीता विमल, ज्ञानदेवी, सुनीता, बुग्गन, गीता, असरा, लीलादेवी आदि शामिल रहे।
इनके साथ के पूर्व सभासद अरविंद निषाद, जगदीश यादव, रविशंकर, मुन्ना निषाद, राजन, शुभम, न्नदू, रवि भी थे। थाने के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस लगातार अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करती रहती है। स्थानीय लोगों का सहयोग मिलने से इस गोरखधंधे पर लगाम लगाना आसान हो जाएगा।