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फास्टैग से रोजाना 25 हजार वाहनों के बचेंगे 12 हजार घंटे

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अयोध्या। एक दिसंबर से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआई) पर फास्टैग शुरू होने से जिले के रौनाही टोल प्लाजा से गुजरने वाले करीब 25 हजार वाहनों के अब 12 हजार घंटे बचेंगे।
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टोल प्लाजा पर जाम की समस्या से निजात तो मिलेगी ही साथ ही ईंधन भी बचेगा। प्रदूषण में भी कमी आएगी। रौनाही टोल प्लाजा पर दोनों तरफ कुल 10 लेन हैं। एक दिसंबर से दोनों तरफ की 4-4 लेन से केवल फास्टैग लगे वाहन ही गुजर सकेंगे, जबकि दोनों तरफ की एक-एक लेन से कैश पेमेंट देने वाले वाहन गुजर सकेंगे। इससे इस लेन से गुजरने वाले वाहनों को लंबे जाम से जूझना पड़ सकता है।
एनएचआई ने 1 दिसंबर से टोल प्लाजा पर गुजरने वाले वाहनों को टोल टैक्स देने के लिए फास्टैग सिस्टम की शुरुआत की है। ये फास्टैग आप बैंक, ऑनलाइन, पेटीएम समेत टोल प्लाजा पर भी बनवा सकते हैं। ये टैग आपको अपने वाहन पर लगाना होगा। टोल पर पहुंचते ही स्वचलित सिस्टम से टोल स्वत: कट जाएगा।
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यह सिस्टम सरकारी वाहनों सहित पीसीआर और एंबुलेंस वालों के लिए भी जरूरी होगा। इसके अलावा 24 घंटे के अंदर अगर आप उसी टोल से दोबारा निकलते हैं तो फास्टैग से आधा टोल टैक्स कटेगा।
रौनाही टोल प्लाजा ने इसकी तैयारी कर ली है। इस टोल प्लाजा के दोनों तरफ के कुल 10 लेन में 8 लेन से सिर्फ फास्टैग लगे वाहन ही गुजर सकेंगे। वहीं कैश पेमेंट देने वाले वाहनों के लिए दोनों तरफ की सिर्फ एक-एक लेन ही खुले होंगे। इसके चलते इस लेन पर भारी जाम भी लग सकता है।
वहीं, नियमानुसार यदि आप बिना टैग लगाए टैग वाली लेन में घुसते हैं तो आपको दोगुना टैक्स भरना पड़ेगा। अभी तक इस टोल प्लाजा से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन को करीब 5 से 7 मिनट लगते हैं, ये सिस्टम लागू होने से ये समय घटकर मात्र 12 से 15 सेकेंड रह जाएगा। इससे इस टोल प्लाजा से प्रतिदिन गुजरने वाले 25 हजार वाहनों के करीब 12 हजार घंटे बचेंगे।
ऐसे बनवाए फास्टैग
टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन सिस्टम से होने वाली परेशानियों का हल निकालने के लिए राष्ट्रीय हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू किया गया है। इसकी मदद से आप टोल प्लाजा में बिना रुके अपना टोल प्लाजा टैक्स दें सकेंगे।
आपको बस अपने वाहन पर फास्टैग लगाना होगा। आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, आरटीजीएस और नेटबैंकिंग के माध्यम से अपने फास्टैग अकाउंट को रिचार्ज कर सकते हैं। फास्टैग खाते में कम से कम 100 रुपये और ज्यादा से ज्यादा एक लाख तक रिचार्ज कराया जा सकता है। आप बैंक, ऑनलाइन या टोल प्लाजा जाकर अपना फास्टैग स्टीकर और फास्टैग अकाउंट खुलवा सकते हैं। फास्टैग अकांउट खोलने के लिए आपको एक फार्म के साथ वाहन की आरसी, वाहन मालिक के पासपोर्ट फोटो, वाहन मालिक के केवाईसी दस्तावेज और कोई भी दस्तावेज जिस पर आपके घर का पता हो आदि देना होगा।
ऐसे काम करता है फास्टैग
वाहन के विंडस्क्रीन में फास्टैग लगाया जाता है। इसमें रेडियो र्फिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) लगा होता है। जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास आ जाती है, तो टोल प्लाजा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन पर लगे फास्टैग के संपर्क में आते ही आपके फास्टैग अकाउंट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क काट देता है और आप बिना वहां रुके अपना प्लाजा टैक्स का भुगतान कर देते हैं। वाहन में लगा ये टैग आपके प्रीपेड खाते के सक्रिय होते ही अपना कार्य शुरू कर देगा। वहीं जब आपके फास्टैग अकांउट की राशि खत्म हो जाएगी, तो आपको उसे फिर से रिचार्ज करवाना पड़ेगा।
तैयारी पूरी, टोल प्लाजा पर बन रहा फास्टैग
एक दिसंबर से लागू होने वाले फास्टैग प्रक्रिया के तहत सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। टोल के कुल 10 लेन में से 8 लेन से टैग लगे वाहन ही गुजर सकेंगे। बिना टैग लगे वाहन यदि टैग वाली लाइन में प्रवेश करेंगे तो उनको दोगुना टैक्स भरना होगा। फास्टैग जिले के कई बैंकों के साथ ऑनलाइन भी बन रहा है, साथ ही टोल प्लाजा पर आप आवश्यक कागजात दे इसे बनवा सकते हैं।
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विनय कुमार वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक, रौनाही टोल प्लाजा
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