जिले में शुक्रवार की भोर से शुरू हुई बरसात से किसानों केे चेहरे पर रौनक लौट आई। झमाझम बारिश धान, गन्ना की फसलों के लिए मुफीद मानी जा रही है, लेकिन पानी भरने से शहर की सड़कें तालाब बन गईं। रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया। सब-वे में पानी
भरा होने से एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए यात्रियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं।
सुबह करीब चार बजे से झमाझम बारिश शुरू हुई। इसी के साथ दो दिनों से हो रही उमस भरी गर्मी से लोगों को निजात मिल गई। ग्रामीण क्षेत्र में भी किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई, लेकिन मिल्कीपुर तहसील में बरसात न होने से काश्तकार मायूस हैं।
पूराबाजार क्षेत्र के मडना निवासी जगमोहन ने बताया कि बरसात होने से खेतों में सूख रही धान की फसल को राहत मिली है। मसौधा के किसान मानिक राम ने बताया कि बारिश अच्छी हुई है। यह बरसात धान और गन्ना की फसल के लिए वरदान साबित होगी।
उधर, बरसात होने से शहरी क्षेत्र के लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। शहर के सिविल लाइन और पुलिस लाइन मोहल्ले में पानी भर गया। शहर का यह वीआईपी मोहल्ला है। इसी मोहल्ले में दो प्रतिष्ठित होटल हैं। और तो और नपा अध्यक्ष का आवास भी इसी मोहल्ले में हैं, लेकिन यहां जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।
सिविल लाइन मोहल्ले के तहसील, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, कार्यालय में देर शाम तक पानी भरा रहा। नाला चोक होने की वजह से सड़कों पर पानी भरा हुआ है। पानी भर जाने से कचहरी परिसर, कंधारी बाजार और जीआईसी मैदान भी तालाब नजर आया।
रोडवेज में भी पानी भरने की वजह से सभी बसें सड़क पर ही खड़ी हो रही हैं। देवकाली चौराहे से लेकर बाईपास तक पानी भरा हुआ है। इस रास्ते पर आने-जाने वाले राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।