गुरु पूर्णिमा पर्व पर सुबह से हुई बारिश फसलों के लिए अमृत साबित हुई। हालांकि कई इलाकों में सिर्फ बादल ही छाए रहे। एनडी कृषि विवि कुमारगंज के आसपास भी बारिश शून्य रही, लिहाजा इसके आंकड़े नहीं मिल सके। उधर, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी और बरसात की जरूरत है।
किसान भी सूख रहे धान के लिए टकटकी लगाए हैं। उधर, जुड़वां शहरों में बरसात होने से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। अयोध्या में श्रद्धालुओं को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार को सुबह हुई बारिश से किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई।
लेकिन शहरी क्षेत्रों में बरसात स्थानीय नागरिकों के लिए नरक बन गई। रुदौली, बीकापुर और मिल्कीपुर में मौसम एक तरह से सूखा रहा। सिविल लाइन मोहल्ले में पुष्पराज चौराहे के पास जलभराव हो गया। पीडब्ल्यूडी और रोडवेज पर भी पानी भर जाने से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
देवकाली और नाका मुजफ्फरा क्षेत्र में भी जलभराव होने से लोगों को दिक्कतें हुईं। देवकाली-बेनीगंज मार्ग पर सड़क पर पानी भर गया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि बरसात से किसानों को राहत मिली है, लेकिन अच्छी फसल के लिए अभी और बारिश की दरकार है।
उन्होंने बताया कि धान की फसल के साथ-साथ यह बरसात गन्ना, अरहर, तिल, उड़द व अन्य फसलों के लिए भी लाभकारी है। मौसम विभाग की मानें तो आगे आने वाले 24 घंटों के दौरान और हल्की बरसात हो सकती है। कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. एएन सिंह ने बताया कि कुमारगंज क्षेत्र में बरसात नहीं हुई, इसलिए वर्षा रिकॉर्ड नहीं हो पाई है।