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सरयू के नयाघाट से सहादतगंज सड़क बनेगी फोरलेन

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अयोध्या। रामनगरी को नए सिरे से विकसित करने के लिए सहादतगंज से नयाघाट (पुराना एनएच 98) सड़क को फोरलेन बनाने की योजना है। इसके लिए सर्वे कार्य पूर्ण किया जा चुका है। योजना दो चरणों में परवान चढ़नी है। योजना में 500 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, घरों व दुकानों का मुआवजा व दुकानदारों को स्थापित किये जाना शामिल है। हालांकि अभी योजना को शासन से मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी के बाद ही योजना परवान चढ़ेगी।
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अयोध्या व फैजाबाद पुराना व पौराणिक शहर रहा है। मंदिर-मस्जिद विवाद के बाद से यहाँ नियोजित विकास का कोई मापदंड ही नहीं रहा। पिछले 19 वर्षों से बिना शहर के मास्टर प्लान के विकसित होता आया है। इसका परिणाम ये रहा है कि शहर का विकास ठप सा हो गया। राममंदिर पर फैसला आने के बाद अयोध्या को नए सिरे से विकसित करने की कवायद शुरू हुई है।
राममंदिर तक जाने वाली सहादतगंज से नया घाट सड़क को फोरलेन बनाने की योजना है। योजना दो चरणों में परवान चढ़ाने की योजना है। पहले चरण में उदया चौराहे से लेकर नया घाट तक की सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा जबकि दूसरे चरण में उदया चौराहे से सहादतगंज की सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसका सर्वे लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जा चुका है।
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सड़क अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पर्यटक व श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर निर्मित की जाएगी। पर्यटक बूथों के अलावा ग्रीनटी का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। हालांकि पूरी योजना शासन की मंजूरी के बाद ही परवान चढ़ेगी।
योजना का सर्वे हुए कई माह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक शासन की ओर से कोई मंजूरी नहीं मिली है। दरअसल इसका मुख्य कारण दूसरे चरण की सड़क का रूट है। ये सड़क रिकाबगंज नियावां होते हुए या चौक होते हुए आएगी। दूसरी बात ये भी है कि इसमें सत्ताधारी दल के दो जनप्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है कि सड़क बनेगी या नहीं। इस सब की वजह से लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़क के फोरलेन संबंधी सवाल पर घबराते हैं।
लोक निर्माण विभाग भले ही ये कह रहा है कि अभी शहर की फोरलेन योजना में कुछ नहीं हो रहा है लेकिन दूसरी ओर नगर निगम व विकास प्राधिकरण विस्थापित दुकानदारों को बसाने की कवायद में जुट गया है। अयोध्या में विस्थापित दुकानदारों के लिए तीन स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। इनमें दो स्थान अयोध्या रेलवे स्टेशन के निकट व एक स्थान नगर निगम की भूमि है।
रेलवे स्टेशन के निकट एक स्थान पर विकास प्राधिकरण 400 से अधिक दुकानें व दूसरे स्थान पर जिला पंचायत अपना गेस्ट हाउस व दुकानें बनाएगा। इसके साथ ही नगर निगम भी दुकान बनाने की तैयारी में है। सभी की डिजाइन व ड्रॉइंग तैयार हो गयी है। इसमें 43 करोड़ रुपये के आसपास खर्च आने की उम्मीद है। नगर आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ला बताते हैं कि तीनों चिह्नित जगहों पर दुकानों के साथ अंडर ग्राउंड पार्किंग व ब्रांडेड कंपनियों के रेस्तरां खोले जाएंगे। वह बताते हैं कि योजना के ड्रॉइंग व कॉस्टिंग कर ली गयी है।
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सहादतगंज-नयाघाट फोरलेन योजना के बारे में अभी कुछ बता पाना संभव नहीं है। योजना की स्वीकृति के बाद बताया जाएगा।
- इं. राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग अयोध्या
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