स्लीपर विशेषकर जनरल कोचों में फैजाबाद से भूसे की तरह भरकर दिल्ली का सफर कर रहे गरीबों की सुविधाओं में सोमवार से बढ़ोत्तरी हो गई है। इसमें दो जनरल और एक स्लीपर के डिब्बे और जोड़े गये हैं।
फैजाबाद से प्रतिदिन 21:45 बजे 17 कोचों के साथ रवाना होने वाली ट्रेन (14205/14206) को अब बीस कोचों के साथ रवाना किया गया। उधर पुरानी वाशिंग लाइन में इस ट्रेन की धुलाई और मरम्मत में खासी दिक्कतें हुईं।
दुर्गा पूजा और जाड़े की छुट्टियों को देखते हुए इस ट्रेन को रेलवे ने फिलहाल 30 दिसंबर तक 20 कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया है। वजह पर कहा गया कि प्रतिदिन दिल्ली जाने वाली यह ट्रेन फैजाबाद में ही पूरी तरह पैक हो जा रही है।
जनरल कोच में तिल रखने की जगह नहीं रहती। यात्री खड़े होकर दिल्ली का सफर पूरा करते हैं। फैजाबाद से ही चार जनरल कोचों के लिए करीब आठ सौ टिकट जारी होते हैं। यही हाल सात स्लीपर कोचों का भी होता है।
रेलवे ने भी नई ट्रेन के बजाय कोच बढ़ाने का निर्णय ले रखा है। ऐसे में सहूलियतों के लिए ट्रेन में दो जनरल और एक स्लीपर कोच बढ़ाया गया।
उधर, ट्रेन फैजाबाद में 20 कोचों के साथ पहुंची तो धुलाई, मरम्मत से जुड़े कर्मियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। बताया जाता है कि नई वाशिंग लाइन 22 डिब्बों की धुलाई के लिये बनी थी।
इसका आधा हिस्सा तोड़कर नया बनाया गया। आधा हिस्सा आज भी धुलाई-मरम्मत के लिए सुरक्षित नहीं है। पुरानी वाशिंग लाइन दो हिस्सों में बनी है।
इस पर दिल्ली एक्सप्रेस को दो हिस्सों में (नौ-आठ) बांटकर धुला जाता था। सोमवार को इसके एक-एक डिब्बे वाशिंग लाइन के बाहर लगे थे।