शनिवार को अचानक फैजाबाद-प्रयाग पैसेंजर (54372/73) ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया। कोहरे के के कारण रद्द हुई ट्रेन को समय की पटरी पर लाने को एक दिन के लिए हुए इस फैसले से यात्री खासे परेशान रहे।
उधर वर्षों से लगातार दिल्ली तक आती-जाती फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन पहली बार कोहरे के नाम पर रद्द हो गयी। मऊ-आनंद बिहार ट्रेन रविवार से नहीं चलेगी। दोनों ट्रेनों के 15 जनवरी तक रद्द होने से फैजाबाद को पहले दिन करीब डेढ़ लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
ट्रेन रद्द होने से आरक्षित/अनारक्षित टिकट लिए यात्री रिफंड लेते रहे। इसके साथ ही घने कोहरे में ट्रेनें रेंग रही हैं। शुक्रवार की सुबह आने वाली कोटा-पटना डाउन 30 घंटे बाद भी नहीं पहुंची। शनिवार को आने वाली डाउन कोटा-पटना के सात घंटे बाद आई। कोहरे के चलते सभी ट्रेनें दो घंटे से लेकर दस घंटे की देरी से चल रही हैं।
प्रयाग से सुबह चलने और दिन में 11 बजे पहुंचने वाली पैसेंजर ट्रेन अचानक रद्द कर दी गयी। एक ट्रेन सुबह 11 बजे नहीं आयी तो इसे दिन में 13:20 बजे फैजाबाद से प्रयाग नहीं भेजा गया। कोहरे से इनके पहिए थम जाने से रेल यात्रियों को जोर का झटका लगा।
ट्रेनों का संचालन न होने का प्रसारण हुआ तो यात्री आश्चर्य में पड़ गये। गोंडा के देवता प्रसाद, खजुरहट के शिवकुमार, तारुन के मुमताज, कुमारगंज के घिसियावन आदि का कहना था कि अब शाम को प्रयाग जाने के लिए गाड़ी होने से उन्हें चार घंटे स्टेशन पर गुजारना होगा।
सड़क से जाने पर बस का किराया डेढ़ सौ से अधिक है। इसकी सूचना पहले मिली होती तो वह शाम को स्टेशन आते। पूछताछ के सूचना पट पर निरस्त और ट्रेनों के लेट होने को पढ़कर यात्री बुदबुदाते रहे।
बहरहाल फैजाबाद से बनकर दिल्ली जाने वाली इकलौती ट्रेन तथा दूसरी ट्रेनों के रद्द होने से गरीब और छोटे-छोटे स्टेशनों का सफर करने वालों के सामने दिक्कतें बढ़ गयीं। इससे पहले दिन फैजाबाद में रेलवे को डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। सांसद लल्लू सिंह ने कहा है कि फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस को ट्रैक पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।