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आंखों में विकास की उम्मीदें, छलका छले जाने का दर्द

Thu, 02 Feb 2017 10:42 PM IST
फैजाबाद
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फैजाबाद में गुरुवार को देवकाली स्थित बरसाना में अमर उजाला के सियासी अड्डा में मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला
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बुनियादी विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर मतदाताओं की ओर से तीखे सवाल सिस्टम पर किए जाते रहे। सड़क, बिजली, सुरक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवालों के तीर चलते रहे। एक बुजर्ग ने कहा कि गरीबी हटाने की बात सुनते-सुनते सात दशक गुजर गए लेकिन गरीबी तो बढ़ती ही गई।
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24 घंटा बिजली देने का वादा लेकिन बिजली कब गुल हो जाएगी, इस पर भी एक मतदाता ने तंज कसा। वृक्षारोपण पर कीर्तिमान बना लेकिन पौध रोपकर उसे बिसार दिया गया। कुछ माह पहले बनी सड़क की ओर इशारा करते हुए एक व्यक्ति ने कहा कि सड़क बनी, फिर रिपेयर हुई और अब रिपेयर भी टूटने लगा है।

यह सब छह माह के भीतर ही घट गया। शिक्षा-स्वास्थ्य, पर्यटन, बिजली, जलापूर्ति, सीवर की समस्या को बखूबी उठाया गया। मतदाताओं ने कहा कि वोट देते समय सजगता-सतर्कता नहीं बरती गई तो फिर पांच साल हाथ मलना होगा। 
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