केंद्रीय मंत्री साध्वी उमा भारती ने कहा कि मैं भक्त के नाते मत्था टेकने आई हूं, रामलला में मेरी गहन आस्था है। इससे जीवन में कभी समझौता नहीं किया। अयोध्यावासी इसके गवाह रहे हैं।
बिना किसी घोषित कार्यक्रम के गोरखपुर जाते समय रविवार की दोपहर यहां पहुंचीं उमा भारती सरयू स्नान व नागेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया कर्मियों से बात कर रहीं थीं।
कहा, गोरखपुर जा रहीं थी, ट्रेन लेट हो गई तो अयोध्या चलकर दर्शन-पूजन करने का कार्यक्रम बना लिया। राम मंदिर आंदोलन से कभी अलग नहीं हो सकती। मंदिर आंदोलन की सार्थकता उसी दिन हो गई, जिस दिन हाईकोर्ट की तीन जजों की बेंच ने एक सुर से कह दिया कि बीच का हिस्सा रामलला का है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बातचीत से मसला सुलझाओ। विवाद के हल को समाज को एकजुट होना चाहिए। ढांचा ध्वंस मामले में मुकदमा चलाए जाने के सवाल पर कहा कि कोई पूछेगा कि उस दिन क्या कर रही थी तो जरूर बताऊंगी।
लिब्राहन कमीशन में एक-एक लफ्ज बता चुकी हूं और उसकी रिपोर्ट पार्लियामेंट में भी रखी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के महंत के नाते मुख्यमंत्री योगी मुझसे श्रेष्ठ हैं लेकिन आयु में छोटे हैं। उनको हमारी शुभकामनाएं हैं।
उमा भारती ने कहा कि गंगा में जुड़ने के कारण सरयू नदी भी नमामि गंगे प्रोजेक्ट से जुड़ सकती है। इसकी स्वच्छता के लिए बात हुई है और परमहंस रामचंद्रदास की समाधि स्थल के लिए भी कुछ धनराशि भेजी गई है। यह बात यहां के सांसद को पता है, वह योजना बना रहे हैं। अयोध्या के लिए नमामि गंगे फंड से काम हो सकता है।