तेज धूप में बच्ची संग छाता लेकर जाती महिला।
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गर्मी ने कई वर्ष का रिपोर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2008 व 2010 को छोड़ दिया जाए तो 10 वर्षों में अप्रैल माह के पहले पखवारे के दौरान इस बार जैसी गर्मी नहीं पड़ी। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्मी और लू से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
गर्मी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोग जेठ माह की तपिश के बारे में सोचकर डर रहे हैं। जिले में स्थिति यह है कि सुबह नौ बजे तक ही धूप की तपिश लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। इस गर्मी से स्कूली बच्चे ज्यादा परेशान हैं। दिन में तापमान सबसे अधिक होने के समय बच्चे स्कूल से घर लौटने में बेहोल हो जाते हैं।