अवध विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान के लवकुश छात्रावास में घुसकर ट्रक चालकों-खलासियों द्वारा किए गए हमले के खिलाफ सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूटा। सुबह 10 बजे सैकड़ों छात्रों ने संस्थान के गेट व कमरों में तालाबंदी कर दी।
गेट पर पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों की मांग थी कि हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही हाईवे पर दोनों तरफ की पटरियां जाम कर रोजाना खड़े होने वाले सैकड़ों ट्रक हटाए जाएं।
मौके पर पहुंचे विवि प्रशासन व पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, मगर छात्रों का आंदोलन तब समाप्त हुआ, जब सभी घायलों का मेडिकल कराकर पुलिस ने 40 अज्ञात हमलावरों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।
नगर कोतवाली स्थित अवध विवि के हाईवे से सटे तकनीकि संस्थान परिसर में लवकुश छात्रावास के कुछ छात्रों का रविवार शाम गेट जाम कर खड़े एक ट्रक के चालक से विवाद हुआ था। इसी को लेकर थोड़ी देर बाद रात में लोहे की रॉड और लाठी-डंडे से लैस करीब 40 ट्रक चालकों-खलासियों का हुजूम छात्रावास में घुसा।
खिड़कियों के शीशे-दरवाजे तोड़ते हुए गालियां और धमकी दी। चालकों ने कई छात्रों की बर्बर पिटाई की। उनके सामानों को भी तहस-नहस कर दिया था। हमले में करीब 8 छात्र घायल हुए थे, जिसमें तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। हालांकि इलाज के बाद सोमवार को सभी को छुट्टी दे गई।
सोमवार की सुबह 10 बजे को कैंपस में पहुंचे छात्रों ने घटना को लेकर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न करने के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। परिसर में तालाबंदी कर दी गई। सरस्वती छात्रावास के पास मुख्य गेट बंद कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद और होश में आओ के नारे लगाने लगे।
वहीं बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। विवि प्रशासन की ओर से पहुंचे प्रभारी प्रॉक्टर डॉ. शेलेंद्र वर्मा ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र उनसे भी भिड़ गए। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की तहरीर ली और दोपहर तक घायलों का मेडिकल करा 40 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया, तब जाकर छात्र शांत हुए। आंदोलित छात्रों में शुभम त्रिपाठी, अभिषेक शुक्ला, दुर्गेश कुमार दूबे, गौरव मिश्रा, रवींद्र पांडेय, राज आर्यन, रूपेश मिश्रा, देवाशीष, प्रमोद, विकास, अनुपम, हितेश, वैभव, लवलेश आदि प्रमुख रहे।