विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों पर लगाए गए बूथ लेविल आफिसर इलेक्शन ड्यूटी सर्टीफिकेट के जरिए अपना वोट डाल सकेंगे। यह सर्टिफिकेट उन्हें रिटर्निंग अफसरों से प्राप्त होंगे लेकिन इसके लिए उन्हें आवेदन पत्र देना होगा। मतदान कार्मिकों को बैलेट पेपर दूसरे प्रशिक्षण के दौरान वहीं पर दी जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए आम मतदाताओं को प्रेरित करने के साथ ही चुनाव में लगने वाले कर्मचारियों के मतदान की व्यवस्था कराई है। इसके तहत गैर जनपदों के सर्विस मतदाताओं को पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की गई है।
जिला निर्वाचन कार्यालय ने जिले के सर्विस मतदाताओं को पोस्टल बैलेट भेजने की व्यवस्था कर ली है। चुनाव में लगे लगभग दस हजार कर्मचारियों में से मतदानकार्मिकों को बैलेट पेपर प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कराए जाएंगे। जिसके जरिए वह अपना मत डाल सकेंगे। मतगणना के दौरान यह बैलेट पेपर गिनती में लाए जाएंगे।
मतदान केंद्रों से संबंधित मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता पर्ची उपलब्ध कराने वाले बूथ लेविल आफिसर (बीएलओ) प्रशिक्षण में नहीं होंगे। इसीलिए उन्हें पोस्टल बैलेट की व्यवस्था संभव नहीं बताई जा रही है। जिले में बीएलओ की संख्या 1776 है।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि बीएलओ के रूप में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है वह उस पोलिंग स्टेशन के मात्र एक से दो किमी के दायरे के होते हैं। व्यावहारिक रूप से तो वह मतदान करने के लिए समय निकाल लेते हैं लेकिन यदि ऐसा न भी हो तो उन्हें रिटर्निंग अफसरों से इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट जारी किए जाने की व्यवस्था की गई है।