अयोध्या। जिले की 1120 मस्जिदों में बुधवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत पढ़ी जाएगी। प्रशासन ने सिर्फ एक मस्जिद में 50 लोगों की जमात बनाने की इजाजत दी है। इससे अधिक की संख्या में नमाज पढ़ने पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।
ईदगाहों पर ईद-उल-अजहा की नमाज नहीं अदा की जाएगी। शहर काजी मुफ्ती शमसुल कमर ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि मस्जिदों में 50 की जमात बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ नमाज अदा करें, जिससे संक्रमण फैलने की कोई संभावना न रहे। जिले में ईद-उल-अजहा के पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय की तैयारियां मंगलवार शाम तक पूर्ण हो गई।
आज (बुधवार) सुबह नमाज के बाद कुर्बानियों का सिलसिला शुरू होगा। मुस्लिम समुदाय में ईद-उल-अजहा का पर्व कुर्बानी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। शहर में बुधवार को ईदुल अजहा की नमाज के बाद कुर्बानियों का सिलसिला शुरू होगा। ईदगाह में नमाज न अदा होने के कारण शहर की सभी मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज अदा की जाएगी।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों की साफ-सफाई करके एक-एक मीटर की दूरी निर्धारित करते हुए नमाज अदा करने की तैयारी पूर्ण कर ली है। शहर काजी मौलाना शमसुल कमर कादरी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि कुर्बानी के दिन भी शहर को साफ सुथरा रखें। नालियों व नालों में गंदगी को न बहाएं बल्कि आसपास के सुनसान इलाकों में गड्ढा खोदकर गंदगी को दफन कर दें।
जिससे किसी प्रकार की बदमजगी न पैदा हो। उन्होंने अपील की है कि मस्जिदों में मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ नमाज अदा की जाये। शहर के शिया समुदाय की जामा मस्जिद कहीं जाने वाली नवाब हसन रजा खान मस्जिद के मुतवल्ली मिर्जा शाह ने बताया है कि इस्लाम धर्म में जिब्हे अजीम की सुन्नत लाजमी है।
हर साहिबे निसाब जिसके पास साढ़े 52 तोला चांदी व साढ़े सात तोला सोना या उसके बराबर रकम हो, उसको हर सूरत में कुर्बानी करनी चाहिए। उन्होंने अपील की है कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मस्जिदों में नमाज अदा करें। साथ ही अपने-अपने घरों में कुर्बानी की सुन्नत भी अदा करें, किसी प्रकार की गंदगी बिल्कुल मत फैलाएं।