अयोध्या। बारिश में शहर के लोगों को फिर जलभराव से जूझना पड़ सकता है। शहर के नालों की सफाई अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इनमें अधिकांश नाले गंदगी से पटे हैं। बताया जा रहा है कि सफाई कार्य शुरू होने में अभी करीब एक माह लगेगा। ऐसे में मानसून तय समय पर आ गया तो नाले उफनाएंगे और जलभराव से लोग परेशान होंगे।
अयोध्या शहर में 27 बड़े नाले हैं। इनकी सफाई नगर निगम ठेके पर करवाता है। गत वर्ष सफाई के नाम पर कागजी कोरम पूरा किया गया जिसका खामियाजा शहर के लोगों ने भुगता था। बारिश शुरू होते ही पूरे शहर में भारी जलभराव हो गया था। इस बार भी हालात वैसे ही नजर आ रहे हैं। नगर निगम ने अभी तक बड़े नालों की सफाई का टेंडर नहीं करवाया है। नगर निगम के सहायक अभियंता राजपति यादव कहते हैं कि टेंडर की प्रक्रिया अब शुरू हुई है। एक पखवारे से ज्यादा का समय तो टेंडर की प्रक्रिया में ही लग जाएगा। उसके बाद वक्त पर सफाई होना मुश्किल है।
उधर, शहर के छोटे नाले-नालियों की सफाई पूरे वर्ष चलती रहती है। इसके लिए 77 सफाई कर्मचारियों का गैंग काम करता है। इसके बावजूद शहर में अधिकांश नाले-नालियों गंदगी से पटे पड़े हैं। इससे जगह-जगह पानी बहाव प्रभावित हो रहा है। हालांकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजमणि शुक्ला का मानना है कि नाले-नालियों की सफाई समय पर हो जाएगी। नालों के अवरोध को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
शहर के बड़े नालों पर जगह-जगह अवैध निर्माण हो गए हैं। किसी ने दीवार बना ली है तो किसी ने आधे नाले पर निर्माण करा लिया। कई नाले तो ऐसे हैं जो एक जगह दो मीटर चौड़े हैं और आगे जाकर उनकी चौड़ाई एक मीटर भी नहीं बचती। इन नालों के चोक होने की भी यही बड़ी वजह है। कई जगह नालों पर निर्माण की वजह से सफाई ही नहीं होती।
शहर में दर्जनों जगह नाले-नालियां गायब
शहर में जलभराव की सबसे बड़ी वजह सैकड़ों स्थानों पर नाले-नालियों का गायब होना भी है। जिलाधिकारी आवास के आसपास नालियां नहीं रहीं। सिविल लाइंस में ही 20 से अधिक स्थानों पर नाले पट गए हैं। सफाई के अभाव में इन नालों से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। ऐसे में बारिश के दौरान जलनिकासी मुश्किल होगी।
जनौरा के आंदोलन का भी नहीं निकला हल
कुछ माह पूर्व हुई बारिश से जनौरा में भारी जलभराव से परेशान लोगों ने कई दिन तक आंदोलन किया था। इसके बाद नगर निगम ने कच्चा नाला खुदवा कर अस्थायी व्यवस्था कराई। इसके साथ ही पक्के नाले के निर्माण का आश्वासन भी दिया लेकिन अभी तक निर्माण की योजना नहीं बनी। इसके लिए बजट भी नहीं आया है। सहायक अभियंता राजपति यादव कहते हैं कि बजट आने पर नाले का निर्माण करवाया जाएगा।