पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल से आए पानी से सरयू फिर से उफान पर हैं। दो दिन से स्थिर नदी का जलस्तर रविवार की दोपहर से तेजी से बढ़ने लगा है। तेजी से बढ़ते हुए सरयू खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही नदी में आई बाढ़ से कछार के क्षेत्रों में हलचल बढ़ गई है।
नदी के जलस्तर बढ़ने व थमने के तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्राखजुरी बंधे पर कारण कटान का खतरा भी गंभीर हो गया है। राजस्वकर्मियों की टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप कर निगरानी कर कर रही है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल से आए पानी से उफनाई सरयू में आई बाढ़ का असर पखवारे भर से दिख रहा है। हालांकि नदी के जलस्तर में गिरावट के साथ बढ़ोत्तरी ठहर-ठहर कर हो रही है। गुरुवार को नदी का जलस्तर लाल निशान पार कर तेजी से बढ़ने लगा था लेकिन शुक्रवार की मध्य रात्रि जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर स्थिर हो गया था।
यह स्थिति रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक बनी रही। दोपहर 12 बजे से जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की जाने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अवर अभियंता विनय कुशवाहा ने बताया कि दोपहर 12 बजे जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। शाम पांच बजे जलस्तर 93.015 मीटर पर दर्ज किया गया है।
आधे सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर सोमवार को 93.100 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। सरयू में तेजी से बढ़ता जलस्तर तटीय इलाकों को अपने आगोश में समेटने लगा है। तेजी से बढ़ती बाढ़ से कछार के दर्जन भर से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं।
शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू नदी में बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ के खतरे से भयभीत हो लोग घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
सदर तहसील के पूरा व मया ब्लाक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा जैसे गांवों बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रभावित लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी करने लगे हैं। राजस्व कर्मियों की टीम कैंप कर बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर रही है।