- संतों से मुलाकात के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया आश्वस्त
- कहा-अगस्त में फिर देखने आएंगे विकास कार्यों की प्रगति
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। रामनगरी को सजाने-संवारने को लेकर सीएम योगी की प्रतिबद्धता रामनगरी के संत-धर्माचार्यों को भा गयी है। हर बार की तरह अबकी भी सीएम ने रामनगरी के संत-धर्माचार्यों से मुलाकात कर अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों काे लेकर फीडबैक लिया। संतों ने राममंदिर के तीनों रास्तों के निर्माण में ढिलाई बरतने की बात कही तो सीएम ने संतों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चिंता मत करिए, सब काम जुलाई तक हो जाएंगे। अयोध्या सबसे सुंदर नगरी बनेगी।
सीएम ने बुधवार व बृहस्पतिवार को रामनगरी में 18 घंटे प्रवास किया। इस दौरान उनका फोकस अयोध्या की विकास योजनाओं पर रहा। इस बीच उन्होंने संत-धर्माचार्यों से भी सुझाव लिए। पूर्व सांसद डॉ.रामविलास दास वेदांती ने बताया कि अयोध्या को चमकाने की सीएम की प्रतिबद्धता सराहनीय है। उन्होंने साफ कहा है कि विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। संतों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही अयोध्या का दिव्य-भव्य रूप दिखेगा। महंत डॉ.भरत दास ने बताया कि सीएम ने संतों से सुझाव भी लिए। उन्होंने सीएम से कहा कि सड़क चौड़ीकरण के काम में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर सीएम ने कहा, हां मैने रामपथ का निरीक्षण किया है। अधिकारियों को डेढ़ माह का समय दिया है। 30 जुलाई के बाद फिर प्रगति देखने आऊंगा। काम अधूरे मिले तो जिम्मेदार बख्शे नहीं जाएंगे। महंत वैदेही वल्लभ शरण ने बताया कि सीएम योगी ने साफ कहा कि वे स्वयं अयोध्या में हो रहे कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। संतों ने सीएम से कहा कि सावन मेला शुरू होने से पहले सड़कें दुरूस्त हो जाएं ताकि भक्तों को अयोध्या में आने में सुविधा मिले। इस पर सीएम ने कहा कि सब ठीक हो जाएगा।
जन्मभूमि परिसर में रामानंदाचार्य की मूर्ति लगाने की मांग
अयोध्या। सीएम योगी से मुलाकात के दौरान पूर्व सांसद महंत डॉ.रामविलास दास वेदांती ने रामजन्मभूमि परिसर में जगद्गुरू रामानंदाचार्य की मूर्ति स्थापित करने की भी मांग उठाई है। राममंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ.वेदांती ने बताया कि चूंकि रामनगरी रामानंद संप्रदाय का गढ़ है। इस आधार पर हमने सीएम से मूर्ति लगाने की मांग की है। रामजन्मभूमि परिसर में जगद्गुरू रामानंदाचार्य को भी स्थान मिलना चाहिए। डॉ.वेदांती का दावा है कि सीएम ने संतोषजनक उत्तर देते हुए कहा कि इस पर विचार चल रहा है। संवाद