अव्यवस्था के मकड़जाल से दर्शन नगर स्थित मंडलीय चिकित्सालय उबर नहीं पा रहा है। अस्पताल में अब तक महज दो नियमित चिकित्सक और दो ही फार्मासिस्ट तैनात हैं। अस्पताल में जो चिकित्सक संबद्ध भी हैं, वह इस पशोपेश में हैं कि वह मंडलीय चिकित्सालय में रुकें या फिर अपने मूल तैनाती स्थल पर चले जाएं। तीन चिकित्सक लौट गए हैं। अस्पताल में पीने के पानी तक का अकाल है। मरीज और चिकित्सक दोनों पानी के लिए तरस रहे हैं।
सात अगस्त को अस्पताल के उद्घाटन के समय 21 चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। उनमें से तीन चिकित्सकों को लौटा दिया गया है। अस्पताल में तैनात एक सर्जन को सस्पेंड कर दिया गया है और दूसरे सर्जन अस्पताल आते ही नहीं। और तो और चिकित्सा अधीक्षक को हटाए जाने के बाद दूसरे प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक फूंक-फूंक कर कदम उठा रहे हैं। मंडलीय चिकित्सालय में बाराबंकी जिले से संबद्ध किए गए आई सर्जन डॉ. हसन सलीम को लौटा दिया गया है। ईएमओ के तौर पर सीएमओ फैजाबाद के अधीन तैनात डॉ. इंदुभूषण जायसवाल को मंडलीय चिकित्सालय में तैनात किया गया, स्थानांतरण के बाद से ही वह मंडलीय चिकित्सालय नहीं पहुंचेे।
इसके अलावा जिला अस्पताल के डॉ. एके सिन्हा को भी जिला अस्पताल में उनके मूल तैनाती स्थल पर लौटा दिया गया है। सर्जन डॉ. विपिन कुमार की तैनाती है, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी वह अस्पताल नहीं पहुंचे। अस्पताल में एक भी मरीजों का मेजर या माइनर आपरेशन नहीं किया गया है। अभी तक अस्पताल में जो चिकित्सक तैनात हैं, उनको उनके मूल तैनाती स्थल से ही वेतन दिया जा रहा है। अस्पताल में दवाओं तक का अकाल है। अभी तक जो भी दवाएं सीएमओ स्तर से दी गई थी, उन्हीं से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अस्पताल में ब्लड प्रेशर, मधुमेह और दर्द तक की दवा नहीं है। ऐसे में मरीज मंडलीय चिकित्सालय में इलाज के लिए कैसे आएं।