इसके लिए फैजाबाद, बाराबंकी, बहराइच व श्रावस्ती में जिला पर्यटन प्रोत्साहन परिषद गठित होगी। पर्यटन परिषद प्राथमिकता के आधार पर जिलों में पर्यटन विकास का खाका तैयार करेगी तथा नये क्षेत्रों के विकास की खोज भी करेगी।
चुने गये जिलों में तमाम धरोहरें, ऐतिहासिक स्थल व पर्यटन स्थल आज बदहाल हैं। फैजाबाद क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय के अधीन फैजाबाद और देवीपाटन मंडल के कई जिले आते हैं।
फैजाबाद, सुल्तानपुर, अमेठी, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, बहराइच व श्रावस्ती इसमें शामिल हैं। पर्यटन सचिव अमृत अभिजात ने फैजाबाद, बाराबंकी, बहराइच व श्रावस्ती जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला पर्यटन प्रोत्साहन परिषद बनाने का निर्देश दिया है।
परिषद का कार्य विकास योजनाओं को तैयार करना होगा। सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण, पर्यटन विकास को नये क्षेत्र की पहचान करना, विकास के गतिरोधों और समस्याओं को चिह्नित कर उसका निराकरण करना, पर्यटन विशेषज्ञों को विकास कार्यक्रमों से जोड़ना, स्थलों से जुड़े व्यक्तियों का विकास, रोजगार के साधनों का सृजन होगा।
फैजाबाद में रामकोट, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथमंदिर, कनक भवन, ऋषभदेव जैन मंदिर, रामजन्मभूमि, राजघाट उद्यान, क्षीरेश्वरनाथ मंदिर, सीता रसोई, गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड, गुलाब बाड़ी, बहूबेगम मकबरा, गुप्तारघाट, कंपनी गार्डेन स्थल हैं।
बाराबंकी में सिद्धौर व कुंतेश्वर के प्राचीन मंदिर, पारिजात वृक्ष, महादेवा मंदिर, देवाशरीफ, सिद्धेश्वर मंदिर, लोकपुर तीर्थ, कोटवा धाम मंदिर, सतरिख आदि प्रमुख स्थल हैं।
बहराइच में सैयद सलार मसूद का मकबरा (दरगाह शरीफ), चित्तूर झील, जंगलीनाथ मंदिर, सीता दोहर झील, कैलाशपुरी बांध, कतर्निया के अभयारण्य और श्रावस्ती में बौद्ध-जैन के कई तीर्थस्थल, खत्ती, जेतवन स्तूप, गंधकुटी, अनाथ पिण्डिक स्तूप, महेत, शोभनाथ मंदिर, आनंद बोधि वृक्ष, शांति घंटा आदि प्रमुख स्थल हैं।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृज पाल सिंह ने बताया कि शासन का पत्र मिल चुका है। जिला पर्यटन प्रोत्साहन परिषद का रजिस्ट्रेशन कराया जायेगा। परिषद का कार्य योजनाएं बनाना होगा। फंडिंग फाइल जिला, राज्य व केंद्र को भेजी जाएगी।