रेलवे की मुख्य पाइप लाइन फट जाने से मॉडल रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे तक जलापूर्ति ठप रही। पानी न आने से हाहाकार मचा रहा। कोचों में पानी भरने के लिए लगे वाटर हाइडेंट सूखे रहे। यात्रियों को सस्ते में प्यूरीफाई पानी देने की वाटर वेंडिंग मशीनें भी ठप हो गयीं।
मंगलवार की रात में 11:55 बजे फैजाबाद से मुंबई जाने वाली ट्रेन में पानी नहीं भरा जा सका तो बेहाल यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। बुधवार की दोपहर में प्लेटफार्म दो को छोड़ शेष का पानी चालू हो गया है। गुरुवार से जलापूर्ति पूरी तरह दुरुस्त होने की बात रेलवे प्रशासन ने कही है।
समूचे रेलवे स्टेशन को पानी पहुंचाने वाली मुख्य पानी कई जगह फट जाने से यात्रियों को पेयजल के प्वाइंटों समेत ट्रेनों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। मंगलवार दिन में जैसै-तैसे काम चला, मगर शाम से हालात विस्फोटक होते गए। कुल 40 ट्रेनों के यात्री प्रभावित हुए हैं।
वाटर वेंडिंग मशीनें, पेयजल की टोंटियां और प्लेटफार्मों के वाटर हाइडेंट सूख गये। वाशिंग लाइन की कोचों में तो पानी भरा जा रहा था, लेकिन प्लेटफार्म से गुजरने वाली ट्रेनों के कोचों में पानी नहीं भरा जा सका। मंगलवार की शाम को छह बजे के करीब एक नंबर प्लेटफार्म और वाटर हाइडेंट का पानी बहाल हुआ।
मध्य रात्रि के करीब मुंबई जाने वाली ट्रेन पर बैठने के लिए यात्रियों को टोटियों, वेंडिंग मशीनों और कई कोचों में पानी नहीं मिला तो यात्रियों का सब्र जवाब दे गया। यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। किसी तरह अधिकारी व इंजीनियर विभाग के जेई ने स्थिति संभाली, एक नंबर से खाली कोचों में कुछ पानी भरा गया और ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।
बुधवार को दोपहर तक हालात बेहद खराब रहे। किसी तरह दोपहर बाद दो नंबर प्लेटफार्म को छोड़ पूरे स्टेशन का पानी बहाल हो गया। इसके बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। यात्री वाटर हाइडेंटों, पाइपों से बहते पानी भरते नजर आये।