अयोध्या। तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास पर श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास के शिष्य संतों व समर्थकों ने बृहस्पतिवार को अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल मचाया। सैकड़ों की संख्या में परमहंस दास के तपस्वी छावनी पहुंचकर घेराबंदी की।
सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एडीएम व एसपी सिटी ने भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर आक्रोशित भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था।
कड़ी सुरक्षा में परमहंस को पुलिस ने बाहर निकाला और गाड़ी में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले गए। मामले में नृत्यगोपाल दास के समर्थक संतों की ओर से तहरीर दी गई है, पुलिस का कहना है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आरोप है कि एक चैनल के डिबेट में परमहंस ने राममंदिर निर्माण को लेकर चल रही बहस में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास पर अशोभनीय टिप्पणी की।
प्रसारण देखने के बाद गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे मणिराम दास जी की छावनी में रहने वाले महंत नृत्य गोपालदास के सैकड़ों शिष्यों व समर्थक संत तपस्वी छावनी पहुंचकर महंत परमहंस दास पर हमलावर हो गए। उनके आवास को घेर लिया और जबरन दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया।
इस बीच खबर पाकर एडीएम सिटी वैभव शर्मा, एसपी सिटी विजयपाल सिंह, सीओ अयोध्या अमर सिंह, कोतवाली प्रभारी सुरेश पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के समझाने पर भी समर्थक संतों व शिष्यों का आक्रोश चरम पर था। समर्थक संत परमहंस को सबक सिखाने की बात कर रहे थे और मौके पर जमकर उत्पात मचाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किसी तरह परमहंस दास को उनके आवास से निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया है।
इस मामले में महंत नृत्यगोपाल दास के शिष्य संत आनंद शास्त्री का कहना है कि उन्होंने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। उधर, सीओ अयोध्या अमर सिंह का कहना है कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। सीओ ने बताया कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है, पहली प्राथमिकता शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
समर्थकों ने कहा न्यास अध्यक्ष पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
महंत परमहंस दास द्वारा श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास पर महंत परमहंस दास द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी से आक्रोशित उनके समर्थक, शिष्यों, संतों ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि महंत के खिलाफ वे कोई अभद्र टिप्पणी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनके शिष्य संत आनंद शास्त्री ने कहा कि महंत परमहंस दास को चैनलों पर आने का शौक है तो पहले वे अपना ज्ञान बढ़ाएं। अज्ञानता, मूर्खता व ओजस्विता के लिए टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने न्यास अध्यक्ष पर जो टिप्पणी की है वह बर्दाश्त नहीं की जा सकती, हमने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।